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इजराइल में फंसे भारतीयों को मिस्र या जॉर्डन के रास्ते निकाला जाएगा: भारतीय राजदूत ने एनडीटीवी को बताया

इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने एनडीटीवी को भारतीयों को इजरायल से निकालने की तैयारियों के बारे में बताया. उन्‍होंने कहा कि हम उनकी निकासी की योजना मिस्र या जॉर्डन के रास्ते बनाएंगे, जो भी मार्ग सुरक्षित होगा और जैसे ही संभव होगा.

इजराइल में फंसे भारतीयों को मिस्र या जॉर्डन के रास्ते निकाला जाएगा: भारतीय राजदूत ने एनडीटीवी को बताया
  • इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने कहा कि भारत, इजराइल में फंसे अपने नागरिकों की वापसी का प्रयास करेगा.
  • उन्‍होंने कहा कि निकासी योजना मिस्र या जॉर्डन के रास्ते बनाएंगे, जो भी मार्ग सुरक्षित और जैसे ही संभव होगा.
  • विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी और इजरायली समकक्षों से फोन पर बातचीत कर तनाव कम करने का आग्रह किया है.
तेल अवीव/नई दिल्ली:

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इजरायल में फंसे भारतीयों को निकालने की तैयारियां तेज हो गई है. इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने एनडीटीवी को बताया कि भारत, इजराइल में फंसे अपने नागरिकों को "जैसे ही संभव होगा" वापस लाने का प्रयास करेगा. सिंह ने कहा कि भारतीय दूतावास सभी फंसे हुए लोगों के संपर्क में है. 

जेपी सिंह ने कहा, "दूतावास ने एक बार फिर सलाह जारी की है. हम उनकी निकासी की योजना मिस्र या जॉर्डन के रास्ते बनाएंगे, जो भी मार्ग सुरक्षित होगा और जैसे ही संभव होगा. फिलहाल, सड़क यात्रा के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है."

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उन्होंने आगे कहा, "सभी को सलाह दी जाती है कि वे एडवाइजरी और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें."

संकट के समय में भारतीय नागरिकों को जब भी घर लौटने में मदद की जरूरत पड़ी है, तब भारत ने प्रभावी निकासी अभियान चलाया है. यूक्रेन में युद्ध की शुरुआत में, सरकार द्वारा विशेष विमानों से कई भारतीयों को वापस लाया गया था. 

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भारत की सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील 

शनिवार को इससे पहले भारत ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह किया था. साथ ही इस बात पर जोर दिया था कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके इजरायली समकक्ष गिदोन सार से फोन पर बात की. 

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले वाशिंगटन और तेहरान के बीच ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर हफ्तों तक चली बातचीत के बाद हुए हैं, जो किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. 

संयुक्त अरब अमीरात सहित मध्य पूर्व के अन्य प्रभावित देशों में भी बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जहां ईरान ने अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के कारण मिसाइलें दागीं. 

भारतीय नागरिको को सावधानी बरतने के लिए कहा 

ईरान, इजरायल और अन्य प्रभावित देशों में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने के लिए कहा गया है.  सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और फिलिस्‍तीन सहित इन देशों में भारतीय दूतावासों ने अलग-अलग सलाह जारी कर भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है. 

जनवरी में आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, छात्रों सहित लगभग 10,000 से अधिक भारतीय ईरान में रह रहे थे. इजरायल में भारतीय समुदाय के करीब 41,000 सदस्य हैं. उन्हें निर्धारित आश्रय स्थलों के आसपास रहने और अपने घर या ऑफिस के आसपास के सुरक्षित स्थानों से परिचित होने के लिए कहा गया है. दूतावास ने उन्हें किसी भी आपात स्थिति में तेल अवीव स्थित दूतावास से संपर्क करने के लिए कहा है. 

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है. 

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