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UN के मंच से भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा, आतंकवाद और सिंधु जल संधि पर शहबाज सरकार का डबल स्टैंडर्ड एक्सपोज

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया. भारत ने कहा कि पाकिस्तान‑प्रायोजित आतंकी हमलों में हजारों भारतीयों की जान गई है और आतंकवाद को सामान्य नहीं किया जा सकता. सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की दोहरी नीति उजागर करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

UN के मंच से भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा, आतंकवाद और सिंधु जल संधि पर शहबाज सरकार का डबल स्टैंडर्ड एक्सपोज
  • UN में भारत ने PAK की आतंकवाद को लेकर दोहरी नीति को बेनकाब करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर जवाब दिया.
  • भारत ने स्पष्ट किया कि J-K भारत का अविभाज्य हिस्सा है और पाकिस्तान को आंतरिक मामलों पर टिप्पणी का अधिकार नहीं.
  • PAK प्रायोजित आतंकवाद के कारण हजारों भारतीय नागरिक मारे गए हैं और आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं माना जा सकता.
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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी दोहरी नीति को बेनकाब किया है. भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पाकिस्तान को आतंकवाद को वैध ठहराने का मंच नहीं बन सकता.

भारत ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. भारत ने दो टूक कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा.

पाकिस्तान‑प्रायोजित आतंकवाद से हजारों भारतीयों की मौत

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा कि पिछले कई दशकों में पाकिस्तान‑प्रायोजित आतंकी हमलों में हजारों भारतीय नागरिकों की जान गई है. भारत ने यह भी साफ किया कि आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता.

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भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वही पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मदद और रहम की गुहार लगा रहा था, जबकि वर्षों से वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को एक नीति के रूप में इस्तेमाल करता आया है.

सिंधु जल संधि पर भारत का स्पष्ट रुख

भारत ने कहा कि उसने 65 वर्ष पहले सिंधु जल संधि को सद्भावना, मित्रता और अच्छे पड़ोसी संबंधों की भावना से स्वीकार किया था. हालांकि, बीते साढ़े छह दशकों में पाकिस्तान ने इस संधि की भावना का लगातार उल्लंघन किया, जिसमें भारत पर तीन युद्ध थोपना और हजारों आतंकी हमले कराना शामिल है.

भारत ने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उसे यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा कि सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद और आतंक के सभी रूपों को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं करता.

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पाकिस्तान को कानून के शासन पर आत्मचिंतन की सलाह

भारत ने पाकिस्तान को कानून के शासन पर आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि उसे पहले यह देखना चाहिए कि कैसे उसकी सेना ने 27वें संविधान संशोधन के जरिए एक तरह का संवैधानिक तख्तापलट किया
और अपने प्रमुख सैन्य नेतृत्व को आजीवन संरक्षण (इम्युनिटी) प्रदान कर दी.

भारत ने दोहराया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कदम नहीं उठाता, तब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसके दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

भारत का संदेश स्पष्ट

भारत ने अंत में साफ किया कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं किया जा सकता और न ही इसे किसी भी रूप में जायज ठहराया जा सकता है.

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