भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच आज यानी 27 जनवरी को मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा हो सकती है. भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी दी है कि FTA के लिए आधिकारिक स्तर पर बातचीत पूरी कर ली गई है. आज हो रहे शिखर सम्मेलन में FTA की घोषणा होने की पूरी उम्मी है. इसके तहत अपेक्षित प्रमुख घोषणाओं में यूरोपीय कारों और वाइन के साथ-साथ भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और वस्त्रों पर टैरिफ में कटौती शामिल है. ऐसे में आपके मन में ख्याल आ रहा होगा कि EU क्या है, यह कितने देशों का समूह है. इसकी आर्थिक और मिलिट्री ताकत कितनी है. भारत के साथ यह कितना व्यापार करता है और कैसे ट्रंप के फैसलों ने इसे भारत के करीब कर दिया है.
Q- यूरोपियन यूनियन या EU क्या है?
यूरोपियन यूनियन (EU) मुख्य रूप से यूरोप में स्थित 27 सदस्य देशों का एक अद्वितीय राजनीतिक और आर्थिक संघ है. इसका उद्देश्य शांति, समृद्धि, मानवाधिकारों की रक्षा और अपने सदस्य देशों के बीच स्थिरता को बढ़ावा देना है. यूरोप में हुए दो बड़े युद्धों (वर्ल्ड वॉर) के बाद यूरोपियन यूनियन बनाने का विचार आया. यूरोप के देशों ने देखा कि एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने से बेहतर है मिलकर काम करना. शुरुआत में यूरोप के केवल 6 देशों ने एक साथ काम करना शुरू किया: बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड. जल्द ही, यूरोप के अधिक से अधिक देश उनके साथ जुड़ गए और यूरोपीय संघ बनाया गया. 1999 में शुरू की गई साझी करेंसी यूरो को कई सदस्य देशों ने अपनाया है. शेंगेन संधि के तहत, सदस्य राष्ट्रों के बीच पासपोर्ट नियंत्रण समाप्त कर दिया गया है, जिससे मुक्त आवाजाही संभव हो गई है.
Q- यूरोपियन यूनियन में कौन-कौन से देश हैं?
वर्तमान में यूरोपीय संघ में 27 सदस्य देश हैं. इनमें शामिल हैं: ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस गणराज्य, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन.
Q- यूरोपियन यूनियन के महत्वपूर्ण संस्थान कौन-कौन से हैं?
- यूरोपियन कमीशन
- यूरोपीय संसद
- यूरोपीय संघ परिषद
- यूरोपीय न्यायालय
- यूरोपियन सेंट्रल बैंक
Q- यूरोपियन यूनियन की सैन्य ताकत कितनी है?
ऐसा नहीं है कि यूरोपियन यूनियन के 27 देशों की मिलकर कोई एक एकीकृत "यूरोपीय सेना" है. इसके बजाय, इसकी सैन्य शक्ति इसके 27 सदस्य देशों की संयुक्त क्षमताओं से प्राप्त होती है. ये देश सामान्य सुरक्षा और रक्षा नीति (सीएसडीपी) के माध्यम से अपने मिलिट्री पावर को कॉर्डिनेट करते हैं. साथ ही इनमें से 23 देश तो नाटो सैन्य संगठन का भी हिस्सा हैं, जिसके तहत एक पर हमला सभी पर हमला माना जाता है. EU में फ्रांस ही एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास अपना परमाणु हथियार है. उसके पास ऐसा 300 न्यूक्लियर वॉरहेड हैं. यूरोपियन यूनियन के पास दो "ब्लू-वॉटर" नौसेनाएं (फ्रांस और इटली) हैं.
Q- यूरोपियन यूनियन की आर्थिक ताकत कितनी है?
यूरोपियन यूनियन 27 देशों और, कुछ अपवादों के साथ, 4 गैर-यूरोपीय संघ देशों से बने एकल बाजार के रूप में कार्य करता है. इसका मतलब है कि इन देशों के बीच सामान, सेवाएं, पूंजी और व्यक्ति बिना किसी तकनीकी, कानूनी और नौकरशाही बाधाओं के स्वतंत्र रूप से आ-जा सकते हैं. 1999 में शुरू की गई यूरो (करेंसी) 21 EU देशों की आधिकारिक करेंसी है. इन देशों को यूरो क्षेत्र के नाम से जाना जाता है. यूरो ने यूरो क्षेत्र के लोगों को एकल बाज़ार का लाभ उठाने में सक्षम बनाकर यूरोपीय एकीकरण को आगे बढ़ाया है. यूरोपियन यूनियन के अधिकांश देश अपने माल का 50% से 80% के बीच यूरोपियन यूनियन के अन्य देशों को निर्यात करते हैं. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में, जीडीपी या यूरोपियन यूनियन में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य लगभग €18 ट्रिलियन है. जर्मनी की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है, उसके बाद फ्रांस और इटली का स्थान है. यूरोपियन यूनियन की GDP में सेवाओं का हिस्सा 74% है, और शेष लगभग पूरा योगदान उद्योग का है.
Q- भारत के साथ यह कितना व्यापार करता है?
यूरोपियन यूनियन गुड्स या माल के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर था. इसके अलावा, यूरोपियन यूनियन भारत में एक बड़ा निवेशक भी है, जिसका अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 117.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है.
Q- ट्रंप ने EU को कैसे भारत के करीब ला दिया?
ट्रंप के कार्यकाल में EU और अमेरिका के संबंधों में तनाव देखने को मिला है. ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स EU को अमेरिका से दूर धकेल रहा है. ट्रंप EU को टैरिफ की धमकियां देकर अपनी शर्तों पर व्यापार करने की कोशिश कर रहे हैं. वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति ने जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, इसकी वजह से यूरोपीय देश अपने लिए एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार की तलाश में भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. ट्रंप ने जिस तरह की स्थिति बना दी है, ऐसे में दुनिया के तमाम देशों के लिए भारत एक उम्मीद की किरण की तरह है. इसमें केवल टैरिफ ही नहीं, ग्रीनलैंड पर कब्जे वाला विचार भी मुख्य भूमिका में रहा है. ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देश ट्रंप के खिलाफ हैं, लेकिन एक हकीकत यह भी है कि अमेरिका के निकलने के बाद EU और नाटो पूरी तरह से बदल जाएगा.
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