विएना:
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख यूकिया एमानो ने जापान में स्थित संकटग्रस्त फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट की स्थिति को 'बेहद गम्भीर' बताया है। वह जापान रवाना होने की तैयार कर रहे हैं। एमानो ने कहा, "स्थिति बेहद गम्भीर है।" उन्होंने न्यूक्लियर प्लांट की इकाई संख्या एक, दो और तीन के कवच को हुए नुकसान के सम्बंध में यह बात कही। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक शुक्रवार को उत्तरी जापान में आए रिक्टर पैमाने पर नौ तीव्रता के भूकम्प और सुनामी से हुए नुकसान के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के प्रशीतक तंत्र ने काम करना बंद कर दिया था। इस संयंत्र के पिघलने और बड़े पैमाने पर रेडियोधर्मी विकिरण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। एमानो ने कहा कि कर्मचारी आपात स्थिति से निपटने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा "यह समय यह बात कहने का नहीं है कि चीजें नियंत्रण से बाहर हैं।" आईएईए के महानिदेशक ने कहा कि वह जापान और उनकी एजेंसी के बीच सहयोग के अन्य क्षेत्रों की तलाश के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक के लिए गुरुवार को जल्द से जल्द जापान रवाना होंगे। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से सुधार की गुंजाइश है।" एमानो के साथ आईएईए के विशेषज्ञों का एक दल भी जापान पहुंचेगा। जापान ने फुकुशिमा संयंत्र के आसपास रेडियोधर्मी विकिरण के स्तर का मूल्यांकन करने के लिए मदद मांगी है। एमानो ने कहा कि संयंत्र में परमाणु ईंधन को ठंडा रखने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है और उपयोग किए जा चुके ईंधन के तीन भंडारों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। सयंत्र में कर्मचारी ईंधन छड़ों को पानी में डुबाए रखने के लिए इसमें लगातार पानी पहुंचा रहे हैं लेकिन परिसर में विस्फोटों और आग लगने की एक श्रृंखला बन गई है। बुधवार सुबह इकाई संख्या तीन में धुंए की मात्रा में वृद्धि हुई थी और इकाई संख्या चार में दोबारा आग लगी थी।
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फुकुशिमा, न्यूक्लियर प्लांट, आईएईए