
प्रतीकात्मक तस्वीर
बर्लिन:
जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी बीएफवी की ओर से कहा गया है कि वह इस वक्त देश में कई मस्जिदों पर नजर रख रही है। बीएफवी के अनुसार, जर्मनी में लगभग 90 मस्जिद समुदायों मुख्य तौर पर अरबी बोलने वाले समुदायों पर नजर रखी जा रही है।
ऐहतियान कदम...
बीएफवी के अध्यक्ष हैंस-जॉर्ज मसीन ने जर्मनी की मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा करते हुए कहा कि यहां ऐसी कई मस्जिदें हैं जहां स्वघोषित इमाम और स्वघोषित अमीर अपने शार्गिदों को इकट्ठा कर नफरतपूर्ण भाषण देते हैं और जिहाद का झंडा बुलंद करते हैं।
मुसलमानों पर नहीं, कट्टरपंथियों पर नजर
खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि इस निगरानी कार्यक्रम के जरिए बीवीएफ देश में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) की साठगांठ का पता लगा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी एजेंसी देश में मुसलमानों पर नहीं बल्कि धार्मिक और राजनीतिक कट्टपंथियों पर नजर रख रही है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
ऐहतियान कदम...
बीएफवी के अध्यक्ष हैंस-जॉर्ज मसीन ने जर्मनी की मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा करते हुए कहा कि यहां ऐसी कई मस्जिदें हैं जहां स्वघोषित इमाम और स्वघोषित अमीर अपने शार्गिदों को इकट्ठा कर नफरतपूर्ण भाषण देते हैं और जिहाद का झंडा बुलंद करते हैं।
मुसलमानों पर नहीं, कट्टरपंथियों पर नजर
खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि इस निगरानी कार्यक्रम के जरिए बीवीएफ देश में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) की साठगांठ का पता लगा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी एजेंसी देश में मुसलमानों पर नहीं बल्कि धार्मिक और राजनीतिक कट्टपंथियों पर नजर रख रही है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
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