- फ्रांस में हाई स्कूल के छात्रों के बेहतर हालात की मांग को लेकर बड़ा छात्र आंदोलन चल रहा है, लाखों शामिल हो रहे
- पेरिस के बाहर सेंट-डेनिस के मेयर बैली बागायोको पुलिस और छात्रों के बीच खुद खड़े होकर बच्चों को बचाया
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया है
जब पुलिस छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए लाठीचार्ज कर रही हो और सामने एक नेता खुद ढाल बनकर खड़ा हो जाए... जरा सोचिए वह मंजर क्या होगा. फ्रांस में ठीक यही हुआ है. फ्रांस में इस समय हाल के इतिहास का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन हो रहा है. हाई स्कूल में बेहतर हालात की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन में मंगलवार सबसे बड़ा दिन साबित हुआ. पूरे फ्रांस में 2.5 लाख से ज्यादा छात्र, टीचर और माता-पिता प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया. ऐसे में एक मेयर बच्चों के लिए ढाल बन गया.
पेरिस के बाहर तनावपूर्ण हालात के बीच, सेंट-डेनिस के मेयर बैली बागायोको पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों की कतार के बीच खुद आकर खड़े हो गए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं तस्वीरों और वीडियो में मेयर बागायोको को पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच सीधे खड़े देखा जा सकता है. मेयर पुलिस को रुकने के लिए बोलते रहे. उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि जब पुलिस भीड़ को हटाने के लिए आगे बढ़े, तो दोनों पक्षों के बीच कोई शारीरिक टकराव न हो. यह पूरा वीडियो बहुत पावरफुल था. सोशल मीडिया पर लोग इसे साल का सबसे पावरफुल वीडियो तक कह रहे हैं.
This has to be the video of the year. Bally Bagayoko who is the mayor of French city Saint-Denis shouts at police to “Stop!” and protects the student protesters. https://t.co/XyXc7AUz6d
— Power to the People ☭🕊 (@ProudSocialist) October 6, 2026
हालांकि इस दौरान मेयर बैली बगायोको को भी आंसू गैस का सामना करना पड़ा. छात्र उनके आंखों में आई ड्रॉप डालते दिखे.
J'étais aujourd'hui aux côtés des lycéens et des étudiants mobilisés à Paris. J'ai été témoin d'un usage totalement disproportionné de la force face à des jeunes qui demandent simplement à être entendus. J'interpelle le ministre de l'Intérieur : les consignes doivent être revues d'urgence avant qu'un drame ne survienne. Aux jeunes mobilisés : vos revendications sont justes. Continuez à vous organiser et à faire entendre votre voix. Mais ne cédez à aucune provocation. Restez unis et non-violents ! C'est par votre nombre et votre détermination que vous obligerez le gouvernement à vous entendre.
— Bally Bagayoko (@BallyBagayoko) October 6, 2026
दूसरी तरफ फ्रांस में कर्मचारी और माता-पिता ने भी छात्रों को पुलिसिया कार्रवाई से बचाने के लिए मानव श्रृंखला बना ली. दरअसल फ्रांस की इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने इस आंदोलन पर सख्त कार्रवाई की है. फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा कि दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों में कम से कम 215 छात्र और 85 स्कूल कर्मचारी घायल हुए हैं. उन्होंने इन आंकड़ों को फ्रांस के स्कूल सिस्टम के लिए दशकों में सबसे भारी नुकसान बताया है.
यह भी पढ़ें | 'फ्रांस में अशांति के लिए इस्लाम जिम्मेदार': अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा
शांति के साथ हिंसा भी
फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार को मार्सिले, नान्तेस और ल्योन जैसे शहरों में मुख्य रूप से शांतिपूर्ण मार्च हुए, जिनमें 2 लाख लोगों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा, पेरिस में हुए सबसे बड़े प्रदर्शन में 56 हजार और लोग शामिल हुए. आयोजकों का दावा है कि कुल प्रदर्शनकारियों की संख्या 4.5 लाख थी. वैसे तो ज्यादातर प्रदर्शन बिना किसी बड़ी घटना के संपन्न हुए, लेकिन कुछ जगहों पर, जिनमें पेरिस भी शामिल है, तोड़-फोड़ और दंगा-रोधी पुलिस के साथ झड़पें हुईं. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया.
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को लगभग 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया. मंत्रालय ने यह भी बताया कि 43 पुलिसकर्मी घायल हुए. फ्रांस के ट्रेड यूनियनों और मानवाधिकार समूहों ने पुलिस पर हाल के दिनों में युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि फ्रांसीसी अधिकारियों को पुलिस के अत्यधिक दमन को रोकना चाहिए.
यह भी पढ़ें | फ्रांस में स्कूल क्यों जला रहे बच्चे, समझिए भारत और वहां के स्टूडेंट प्रोटेस्ट में क्या अंतर?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं