अगर कोई भी भारतीय कमाने या घूमने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जा रहा है तो उसके लिए बड़ी खबर है. UAE में दुबई, अबू धाबी और शाहजाह जैसे शहर हैं जहां बड़ी संख्या में भारतीय लोग काम करने जाते हैं. अब UAE में मौजूद भारतीय मिशनों ने वहां जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मेडिकल इंश्योरेंस ले लें. इसमें बीमार इंसान को भारत वापस लाने (मेडिकल रिपैट्रिएशन) का खर्च भी शामिल होना चाहिए. यह सलाह इसलिए दी गई है क्योंकि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों को UAE जाकर वहां के अस्पतालों के भारी-भरकम बिल चुकाने पड़े हैं, जिनका खर्चा वे और उनके परिवार वाले उठाने में असमर्थ थे.
भारत सरकार की ओर से क्या कहा गया है?
अबू धाबी में मौजूद भारतीय दूतावास और दुबई तथा उत्तरी अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें UAE में काम करने वाले (एम्प्लॉयमेंट वीजा पर गए) या परिवार के साथ रह रहे भारतीयों से कहा गया है कि वे अपना हेल्थ इंश्योरेंस जरूर चेक कर लें, ताकि बीमार होने पर इलाज का खर्च कवर हो सके.
एडवाइजरी में कहा गया है, "अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई तथा उत्तरी अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूतावास को ऐसे कई मामले मिले हैं, जिनमें भारतीय नागरिक अचानक किसी बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी का शिकार हो गए. इसके कारण उनके सामने इतने भारी मेडिकल बिल आ गए, जिन्हें चुकाना मरीज या उनके परिवार वालों की क्षमता से बाहर था, और उनके पास पर्याप्त बीमा कवर भी नहीं था."
इसमें कहा गया है, "UAE की यात्रा या घूमने के लिए जाने वाले सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एक उचित और पर्याप्त मेडिकल इंश्योरेंस ले लें. इसमें कैशलेस सुविधा के साथ-साथ, किसी अचानक मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को वापस भारत लाने (मेडिकल रिपैट्रिएशन) का खर्च भी शामिल होना चाहिए."
इसमें आगे कहा गया है, "UAE में रोजगार एम्प्लॉयमेंट पर या आश्रित के रूप में रह रहे भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे यह जांच लें कि उनका मेडिकल इंश्योरेंस इतना पर्याप्त है या नहीं कि वह UAE में होने वाले सभी मेडिकल खर्चों और मरीज को वापस भारत लाने के खर्च को कवर कर सके."
भारतीयों की मदद के लिए साथ खड़े भारत और UAE
जुलाई में भारत और UAE ने फिर से कहा था कि एक-दूसरे के देश में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई का ध्यान रखेंगे. यह बात 22 जुलाई को नई दिल्ली में हुई 7वीं भारत-UAE काउंसलर बैठक में कही गई थी. इस बैठक की अध्यक्षता भारत की तरफ से श्रीप्रिया रंगनाथन और UAE की तरफ से उमर ओबैद अलहेसन अलशम्सी ने की थी. इस बड़ी बैठक से पहले दोनों देशों के अधिकारियों ने वीजा, मजदूरों से जुड़े मुद्दे, लोगों की आवाजाही और कानूनी मदद जैसे मामलों पर भी बात की थी.
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