- ट्रंप ने राजनीति में किसी पर भी भरोसा न होने की बात कही और नेतन्याहू पर सीधे जवाब टाला
- उन्होंने कहा कि इजरायली अधिकारी चाहते हैं कि वे नेतन्याहू के चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं
- ट्रंप ने ईरान पर परमाणु हमला करने से इनकार किया और कहा कि वे परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भरोसा है तो उन्होंने इस सवाल को टालने की कोशिश की. ट्रंप ने दक्षिणपंथी अमेरिकी केबल न्यूज चैनल न्यूज मैक्स से कहा, "सच कहूं तो मुझे किसी पर भरोसा नहीं है. राजनीति की दुनिया में तो मुझे किसी पर भरोसा नहीं है."
इजरायली अधिकारियों के खोले राज
हाल ही में, इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले ट्रंप से कई बार पूछा गया है कि क्या वे किसी उम्मीदवार का समर्थन करेंगे. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने इस बारे में सोचा नहीं है, लेकिन हो सकता है कि वे ऐसा करें. नेतान्याहू ने चुनावी अभियानों में लंबे समय से ट्रंप के साथ अपने करीबी संबंधों का जिक्र किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने न्यूज मैक्स को यह भी बताया कि इजरायली अधिकारी चाहते हैं कि वे नेतान्याहू के फिर से चुनाव जीतने के अभियान में शामिल हों.
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वे चुनाव में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "खैर, वे तो यही चाहते हैं. हां, वे यही चाहते हैं. इजरायल के लोग कहते हैं कि अगर मैं प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ूं, तो मुझे 99 प्रतिशत वोट मिल जाएंगे." इसके बाद ट्रंप ने कहा कि उनके और नेतन्याहू के बीच "बहुत अच्छे संबंध" हैं और उन्होंने ईरान के खिलाफ अपनी "बेहद सफल... सैन्य साझेदारी" की तारीफ की.
ईरान युद्ध के राज
जब उनसे ईरान पर भारी मात्रा में पारंपरिक हथियार गिराने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वे इस इस्लामिक गणराज्य पर परमाणु हमला करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि वे मदर ऑफ ऑल बॉम्बस नामक हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने इसे "बहुत बड़ा बम" बताते हुए कहा, "यह एक छोटे परमाणु बम की तरह है." उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा, हमें ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है. हम दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्ति हैं." इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ईरान में अमेरिकी ज़मीनी सेना की तैनाती की कोई संभावना नहीं दिखती. पिछली कुछ रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में परमाणु सामग्री पर कब्जा करने के लिए जमीनी अभियान चलाने पर विचार किया था.
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