- 24 जून 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए, जिसमें 589 मौतें अब तक हुईं
- भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में इमारतें ढहीं, 4300 से अधिक लोग घायल हुए और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आईं
- विश्व के कई देशों सहित भारत, चीन, ब्राजील और पोप लियो XIV ने वेनेजुएला को तत्काल मदद की पेशकश की है
24 जून, 2026 को वेनेज़ुएला की राजधानी काराकस में कुछ ही सेकंड के अंतर में जबरदस्त भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. ये झटके भूकंप के कम और मौत के ज्यादा थे. 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले इन दो भूकंपों से वेनेजुएला के उत्तरी हिस्सों के शहरों में इमारतें ढह गईं. अब तक 589 लोगों की मौत हो चुकी है.4,300 से ज्यादा लोग घायल हैं. लोग मदद के लिए चीख रहे हैं. हालात बहुत ज्यादा भयावह हैं. अब तो लूटपाट भी शुरू हो गई है. इस संकट में पूरी दुनिया वेनेजुएला की मदद को आगे आ रही है.
भारत से लेकर पोप तक कर रहे मदद
वेनेजुएला को अब तक दुनिया भर से मदद के प्रस्ताव आए; स्विट्जरलैंड, स्पेन, फ्रांस, पुर्तगाल और मैक्सिको जैसे देशों ने स्पेशलिस्ट और बचाव दल भेजे. चीन, भारत, ब्राजील और युद्ध से जूझ रहे ईरान ने भी मदद की पेशकश की, जबकि पोप लियो XIV ने शुरुआती तौर पर 1,00,000 यूरो (लगभग $1,14,050) की सहायता राशि भेजी है.
मगर सवाल ये है कि वेनेजुएला में तो अक्सर ही भूकंप आते हैं तो फिर वेनेजुएला की सरकार ने क्यों इसकी तैयारी नहीं की थी. क्या इसके पीछे भ्रष्टाचार एक प्रमुख वजह है?

भ्रष्टाचार के मामले में वेनेजुएला टॉप पर
वेनेजुएला में भ्रष्टाचार का स्तर जानना है तो ये जान लीजिए कि कुल 182 देशों में उसका 180वां है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार सूचकांक में वेनेजुएला दुनिया के 182 देशों में से 180वें स्थान पर है. इसका कम स्कोर यह बताता है कि वेनेजुएला में पब्लिक सेक्टर में भ्रष्टाचार का स्तर बहुत ज्यादा माना जाता है. यही कारण है कि UK की कोवेंट्री यूनिवर्सिटी में नेचुरल हैजर्ड्स (प्राकृतिक खतरों) के एसोसिएट प्रोफेसर मैथ्यू ब्लैकेट के अनुसार, वेनेजुएला में दशकों से चले आ रहे आर्थिक संकट और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार का मतलब है कि वहां कई इमारतों का रखरखाव ठीक से नहीं हुआ होगा या उन्हें नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया होगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि देश का मौजूदा भवन निर्माण संहिता (बिल्डिंग कोड) अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और अपडेट है. हालांकि, 1950, 1960 और 1970 के दशक में जब ये संहिताएं पूरी तरह से अपडेट नहीं हुई थीं तो उस दौरान की निर्मित इमारतों में कई तरह की खामियां हैं.
पर मादुरो के बेटे ने बताई अलग बात
इस पर वेनेजुएला के अपदस्थ पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बेटे ने गुरुवार को साफ किया कि कराकस में ढही अधिकांश इमारतें 1950 और 1960 के दशक की पुरानी इमारतें हैं. केट ने यह भी कहा कि वेनेजुएला में कई इमारतें और घर उस दौर के तेल उछाल के दौरान बनाए गए थे और संभवतः कई मामलों में निर्माण में लापरवाही बरती गई थी. वेनेज़ुएला के सिविल सोसाइटी समूहों ने चेतावनी दी है कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में 'कैटिया ला मार' जैसे बड़े पब्लिक हाउसिंग प्रोजेक्ट शामिल हैं. ह्यूगो शावेज की सरकार ने ये अपार्टमेंट तब बनवाए थे जब वेनेज़ुएला की आबादी तेजी से बढ़ रही थी – और हो सकता है कि उस समय बिल्डिंग कोड्स को सख्ती से लागू न किया गया हो. एक और अहम बात यह है कि कई इमारतों को शायद भूकंप से बचाव के आधुनिक नियमों के हिसाब से मजबूत (रेट्रोफिट) नहीं किया गया था.

अब मच गई है लूटपाट
वेनेजुएला में आए भूकंप से मरने वालों में विदेशी भी शामिल हैं; अब तक मारे गए लोगों में नौ पुर्तगाली, तीन स्पेनिश, दो ब्राजीलियाई, दो चीनी और एक इटैलियन-वेनेज़ुएला का नागरिक शामिल है. संबंधित सरकारों के अनुसार, 56 पुर्तगाली नागरिक और 99 स्पेनिश नागरिक लापता हैं या उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है. सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई ला गुएरा की हवाई तस्वीरों में एक के बाद एक कई क्षतिग्रस्त रिहायशी इमारतें दिखाई दीं. एक बचावकर्मी ने ऑफ-द-रिकॉर्ड AFP को बताया कि हालात बहुत खराब हैं; प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी है और तकनीकी सीमाएं भी काफी हैं. AFP के पत्रकारों ने शहर में लोगों को एक स्थानीय सुपरमार्केट में लूटपाट करते देखा.
क्यों आते हैं भूकंप
यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया के जियोफिजिसिस्ट सिल्वेन बारबोट ने बताया कि भूकंप प्राकृतिक घटनाएं हैं, जो आमतौर पर पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं पर होती हैं. ये प्लेटें पृथ्वी की ऊपरी परत (क्रस्ट) पर बनती है. ये कई मील मोटी होती हैं और इन पर महासागर और महाद्वीप स्थित होते हैं. ये धीरे-धीरे हिलती रहती हैं, लेकिन इनका हिलना एक समान या लगातार नहीं होता. वेनेज़ुएला इन प्लेटों में से दो प्लेटों—साउथ अमेरिकन प्लेट और कैरिबियन प्लेट—की सीमा पर स्थित है. जब ये एक-दूसरे के ऊपर से गुजरती हैं, तो ये आपस में फंस सकती हैं और उनमें रुकावट पैदा हो सकती है, जिसके बाद अचानक एक बड़ी टूट-फूट होती है और भूकंप आता है.
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