- वेनेजुएला में 1900 के बाद सबसे शक्तिशाली भूकंप ने हजारों परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है
- बुधवार शाम उत्तरी वेनेजुएला में तीव्रता सात से भी अधिक के दो भूकंप आए, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए
- लगभग चार लाख लोग लापता बताए जा रहे हैं और हजारों लोग मलबे में फंसे हुए हैं, जिनकी खोज जारी है
वेनेजुएला में आए भयानक भूकंप ने हजारों परिवारों के लिए जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए बदल दी है. सैकड़ों लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और यह आंकड़ा हजारों में पहुंच सकता है. अभी भी लगभग 4 लाख लोग लापता हैं. हजारों लोग अब भी मलबे में फंसे हैं और उनके परिवार वाले उन्हें अपने हाथों से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. एक ऐसी ही मां बेबसी और हताशा से जमीन पर मलबे में बदल चुकी इमारत के नीचे अपने बेटे को खोजती नजर आई.
एएफपी की रिपोर्टके अनुसार अम्पारो डेल ज्यूडिस नाम की यह मां अपने बेटे को ढूंढ़ने के लिए सीमेंट और पत्थरों के बड़े ढेर को अपने नंगे हाथों से हटाने की कोशिश कर रही थीं. उनका बेटा उस मलबे के नीचे दबा हुआ था. उन्हें अब भी उम्मीद थी कि शायह उनका बेटा अब भी जिंदा होगा. यह भूकंप वेनेजुएला में 1900 के बाद का सबसे शक्तिशाली भूकंप था.
एक मां की बेबसी
समय बीतता गया, लेकिन सरकार की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची. इससे अम्पारो डेल ज्यूडिस परेशान हो गईं और गुस्से में मलबा हटाने लगीं. उन्होंने कहा, "यहां बहुत बड़े-बड़े पत्थर हैं. इन्हें नंगे हाथों से हटाना नामुमकिन है." वह उस जगह से थोड़ी दूर बैठी थीं, जहां उन्हें लगता था कि उनका बेटा मलबे में फंसा है.
उनका 23 साल का पोता अलेस्सांद्रो एक वालंटियर फायर फाइटर का हेलमेट पहनकर अपने लापता पिता को खोजने में जुटा हुआ था. रोते हुए उसने कहा, "वह अंदर ही हैं." यह कहते हुए वह उस जगह को देख रहा था, जहां दो दिन पहले तक एक इमारत खड़ी थी.
पहले ला गुआइरा करीब 25 हजार आबादी वाला एक खूबसूरत शहर था. देश की राजधानी कराकास के लोग यहां कैरेबियन सी का लुत्फ लेने आया करते थे. लेकिन आज यहां बस तबाही का मंजर है. यहां की कई ऊंची इमारतें, जिनमें स्विमिंग पूल भी थे, भूकंप के झटकों से बुरी तरह टूट गई हैं.
आपदा के बीच लूटपाट
देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार को इस इलाके का दौरा किया और इसे आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया. एएफपी की टीम ने यहां सुपरमार्केट में लूटपाट भी होते देखी है. हर तरफ टूटी हुई इमारतें और डरे-सहमे लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे थे.
समुद्र किनारे बनी महंगी इमारतें अब लोहे, कांच और सीमेंट के ढेर में बदल चुकी हैं. उनके आसपास अब भी धूल के बादल उड़ रहे थे. समुद्र किनारे बना मेन रोड कई जगह से टूट गया है. तट के पास बनी कई इमारतों में अब रहना संभव नहीं है, जबकि कई पूरी तरह गिर चुकी हैं. यहां दो फाइव-स्टार होटल भी ढह गए.
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