- रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में यूक्रेनी हवाई हमलों के कारण आपातकालीन स्थिति घोषित की गई है
- क्रीमिया को सप्लाई करने वाले ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों से ईंधन और बिजली की गंभीर कमी आई है
- गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव ने आपातकालीन स्थिति से क्षेत्रीय कार्यों को तेजी से नियंत्रित करने का उद्देश्य बताया
रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में अधिकारियों ने शुक्रवार को आपातकालीन स्थिति की घोषणा की, ताकि प्रायद्वीप पर यूक्रेनी हवाई हमलों के असर को कम किया जा सके. यह इलाका पहले से ही ईंधन की कमी और बिजली कटौती से जूझ रहा है, जो दक्षिणी रूस में उस बुनियादी ढांचे पर यूक्रेनी हमलों के कारण हुई है जो प्रायद्वीप को सप्लाई करता है. मॉस्को द्वारा नियुक्त गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "क्रीमिया गणराज्य और सेवस्तोपोल शहर में क्षेत्रीय स्तर पर आपातकालीन स्थिति घोषित करने वाले आदेशों पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया है."
क्रीमिया में ईंधन संकट
अक्स्योनोव ने पोस्ट में कहा कि आपातकालीन स्थिति से "सभी क्षेत्रों के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने से जुड़े कार्यों का तेजी से समाधान" हो सकेगा. कीव का कहना है कि उसके हवाई हमले रूस द्वारा यूक्रेनी नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर लगभग रोजाना किए जा रहे हमलों का उचित जवाब हैं. गुरुवार को जारी एक बयान में, उन्होंने माना कि क्रीमिया एक "मुश्किल दौर" से गुजर रहा है और "ईंधन की स्थिति" सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है.
कब तक सामान्य होंगे हालात
गवर्नर ने बयान में कहा, "मैं ठीक-ठीक नहीं कह सकता कि इसमें कितना समय लगेगा, और न ही मैं सार्वजनिक रूप से विशिष्ट कार्य योजना का खुलासा कर सकता हूं. हालांकि, हम कार्रवाई कर रहे हैं." उन्होंने यह भी माना कि रूसी सेना प्रायद्वीप की पूरी तरह से सुरक्षा करने में असमर्थ रही है. उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से... दुनिया में ऐसा कोई हवाई रक्षा सिस्टम नहीं है जो सुरक्षा और प्रभावशीलता के मामले में पूरी तरह से सटीक हो."
यूक्रेन भी करता है दावा
रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर उसे अपने में मिला लिया था, हालांकि ज्यादातर देश - जिनमें मॉस्को के कई सहयोगी भी शामिल हैं - इस कदम को मान्यता नहीं देते हैं. यूक्रेन का कहना है कि क्रीमिया उसके क्षेत्र का एक अभिन्न अंग है और वह इसे कभी भी औपचारिक रूप से नहीं छोड़ेगा. कीव ने 2022 में रूस द्वारा शुरू किए गए पूर्ण पैमाने के हमले के दौरान रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है. ये जवाबी हमले क्रेमलिन के लिए महत्वपूर्ण राजस्व को रोकने के उद्देश्य से किए गए हैं.
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