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This Article is From Sep 12, 2023

"जी20 दिल्ली घोषणापत्र ने दिए पॉजिटिव संकेत", भारत की तारीफ कर बोला चीन- सहयोग का समर्थन

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से कहा कि दिल्ली घोषणापत्र यह संकेत देता है कि जी20 देश वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए हाथ मिला रहे हैं, जो आर्थिक सुधार पर दुनिया को सकारात्मक संकेत दे रहा है.

"जी20 दिल्ली घोषणापत्र ने दिए पॉजिटिव संकेत",  भारत की तारीफ कर बोला चीन- सहयोग का समर्थन
भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे का चीन ने किया स्वागत

बीजिंग : चीन ने सोमवार को कहा कि जी20 के नई दिल्ली घोषणापत्र ने एक 'सकारात्मक संकेत' दिया है कि इस प्रभावशाली समूह के सदस्य देश वैश्विक चुनौतियों से निपटने तथा आर्थिक सुधार के लिए हाथ मिला रहे हैं.भारत को शनिवार को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली जब उसकी अध्यक्षता में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध पर प्रमुख मतभेदों से पार पाते हुए एक सर्वसम्मत घोषणापत्र को अपनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वैश्विक विश्वास की कमी' को खत्म करने का आह्वान किया.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से जब एक मीडिया ब्रीफिंग में पूछा गया कि बीजिंग रविवार को संपन्न जी20 शिखर सम्मेलन के नतीजे को कैसे देखता है तो उन्होंने कहा कि घोषणापत्र यह संकेत देता है कि जी20 देश वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए हाथ मिला रहे हैं, जो आर्थिक सुधार पर दुनिया को सकारात्मक संकेत दे रहा है. चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्थान पर शिखर सम्मेलन में भाग लिया था.

'चीन ने हमेशा जी20 समूह को महत्व दिया'

माओ निंग ने कहा, तैयारी प्रक्रिया के दौरान चीन ने भी 'रचनात्मक भूमिका निभाई और विकासशील देशों की चिंताओं को महत्व दिया तथा वैश्विक साझा विकास के लिए अनुकूल परिणाम का समर्थन किया'. माओ ने कहा कि चीन ने हमेशा जी20 समूह को महत्व दिया है और वह उसके काम का समर्थन करता है. प्रवक्ता ने कहा, 'हम विश्व अर्थव्यवस्था और विभिन्न विकास क्षेत्रों में जोखिमों से निपटने में जी20 की एकजुटता और सहयोग का समर्थन करते हैं.'

'एकजुटता और सहयोग का समर्थन'

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ली ने सम्मेलन में अपनी उपस्थिति के दौरान जी20 सहयोग पर चीन की स्थिति और प्रस्तावों को रखा. माओ ने कहा, 'उन्होंने इस बात का समर्थन किया कि सभी देशों को एकजुटता और सहयोग की मूल आकांक्षा का पालन करने के साथ मौजूदा समय की जिम्मेदारी उठाने तथा वैश्विक आर्थिक सुधार, खुलेपन, सहयोग व सतत विकास के लिए अनुकूल साझेदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता है.' जी20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 85 प्रतिशत का, वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत से अधिक का और विश्व की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं.

बता दें कि दिल्ली में आयोजित हुए जी20 शिखर सम्मेलन रविवार को समापन हो गया. इस समिट के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा बनाने की योजना की घोषणा की थी. जिसमें भारत, UAE, सऊदी अरब, यूरोपीय संघ, फ्रांस, इटली, जर्मनी और US शामिल हैं. अब इस पर चीन का रिएक्शन सामने आया है. चीन ने इसका स्वागत किया है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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