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चीन ने 2016 तक अपने राष्ट्रपति के लिए क्यों नहीं बनाया था स्पेशल प्लेन? अमेरिका था बड़ी वजह, जानें दिलचस्प कहानी

Xi Jinping official aircraft story: आखिर शी जिनपिंग से लेकर ट्रंप और MBS तक क्यों हैं इस खास बोइंग 747-8 के मुरीद? अंदर की वो सीक्रेट बातें जो कभी कैमरों में नहीं आईं.

चीन ने 2016 तक अपने राष्ट्रपति के लिए क्यों नहीं बनाया था स्पेशल प्लेन? अमेरिका था बड़ी वजह, जानें दिलचस्प कहानी

दो दिन के ब्रिक्स समिट का पहला दिन है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समिट में शिरकत करने सात साल बाद भारत आए हैं. आज वो अपने स्पेशल प्रेसिडेंशियल प्लेन बोइंग 747-8 से नई दिल्ली पहुंचे थे. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि 2016 तक चीन के पास उनके राष्ट्रपति के लिए स्पेशल प्लेन तक नहीं था. वह पैसेंजर प्लेन को ही मॉडिफाइड करके विदेश यात्रा पर जाते थे. चीन के राष्ट्रपति के लिए एक स्पेशल प्लेन बनाने में इतने साल क्यों लगे. आखिर चीन ने अमेरिका के बनकर आए स्पेशल प्लेन को रिजेक्ट कर दिया था. आखिर क्या वजह थी कि अमेरिका की वजह से महाशक्ति चीन को बरसों तक राष्ट्रपति के प्लेन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिनचस्प कहानी.

जब राष्ट्रपति के विमान में मिले 27 सीक्रेट डिवाइस

बात साल 2001 की है. अमेरिका के सैन एंटोनियो में तत्कालीन चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन के लिए एक खास विमान तैयार किया गया था. लेकिन जब यह विमान बीजिंग पहुंचा, तो हड़कंप मच गया. 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक, विमान के अंदर 27 जासूसी उपकरण यानी लिसनिंग डिवाइस छिपे मिले थे. हालांकि, उस वक्त चीन ने इस पर न तो खुलकर हामी भरी और न ही इससे इनकार किया.  

China President Xi Jinping Plane Boeing 747-8 features Air Force one History

पहले क्या था इंतजाम?

इस घटना से पहले चीन के पास अमेरिकी 'एयरफोर्स वन' जैसा कोई स्थायी वीवीआईपी विमान नहीं होता था. राष्ट्रपति के विदेशी दौरों के लिए एयर चाइना के सामान्य बोइंग 747-400 विमानों का इस्तेमाल होता था. चीनी एयरफोर्स राष्ट्रपति के विदेशी दौरे से करीब 20 दिन पहले इन विमानों में वीवीआईपी केबिन तैयार करती थी. दौरा खत्म होते ही सीटें दोबारा बदलकर विमान को आम यात्रियों के लिए रूट पर लगा दिया जाता था. 

शी जिनपिंग का उड़ता हुआ कमांड सेंटर

आज हालात बिल्कुल बदल चुके हैं. राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आधिकारिक विमान एक मॉडिफाइड बोइंग 747-8 है, जिसे एयर चाइना ऑपरेट करती है. यह सिर्फ एक लग्जरी जेट नहीं, बल्कि हवा में तैरता हुआ देश का सुप्रीम कमांड सेंटर है.  

यह विमान 2014 के अंत में आम कमर्शियल पैसेंजर जेट के तौर पर शामिल हुआ था. मई 2015 में इसे पैसेंजर सर्विस से हटाकर सीक्रेट मॉडिफिकेशन के लिए भेजा गया. महीनों चले काम के बाद 2016 के अंत तक इसे राष्ट्रपति के मुख्य विमान के रूप में तैयार किया गया. हालांकि इसकी अंदर की तस्वीरें कभी पब्लिक नहीं हुईं, लेकिन माना जाता है कि इसमें हाई-टेक कॉन्फ्रेंस रूम, लग्जरी बेडरूम, प्राइवेट ऑफिस और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां मौजूद हैं. 

China President Xi Jinping Plane Boeing 747-8 features Air Force one History

दुनिया का सबसे लंबा कमर्शियल विमान

250 फीट लंबाई के साथ यह बोइंग 747 सीरीज का सबसे बड़ा और अंतिम मॉडल है. इसके विंग्स पहले से ज्यादा मोटे हैं, जिससे ज्यादा फ्यूल स्टोर होता है. बेहतर एयरोडायनामिक्स के लिए खास विंगटिप्स दिए गए हैं.  इसमें बोइंग 787 ड्रीमलाइनर वाले शक्तिशाली GEnx इंजन लगे हैं. इसका मैक्सिमम टेकऑफ वजन करीब 9.75 लाख पाउंड है, जो बोइंग के इतिहास में सबसे भारी है. 

दुनिया के इन ताकतवर मुल्कों की भी पहली पसंद

बोइंग 747-8 का रुतबा ऐसा है कि सिर्फ चीन ही नहीं, दुनिया के कई अन्य शीर्ष देश भी अपने राष्ट्रप्रमुखों के लिए इसी 'जंबो जेट' पर भरोसा करते हैं. कतर, कुवैत, ओमान, ब्रुनेई, मोरक्को और तुर्की जैसे देश अपने राष्ट्राध्यक्षों के लिए इस वीआईपी प्लेन का इस्तेमाल करते हैं. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) का आधिकारिक विमान भी यही बोइंग 747-8 है.

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