- ढाका शहर ने अपने ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए पहला AI आधारित ट्रैफिक एनफोर्समेंट सिस्टम लागू किया है
- AI सिस्टम ट्रैफिक उल्लंघनों की पहचान करता है और उल्लंघन करने वालों को स्वतः ही जुर्माना भेजता है
- पुलिस ने AI तकनीक से अब तक 300 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की है और चेतावनी भी दी जा रही है
बांग्लादेश की राजधानी ढाका दुनिया के सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों में से एक है. ढाका अपने भयंकर ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम है. लेकिन अब उसने अपने ट्रैफिक को दुरुस्त करने के लिए पहला AI-पॉवर्ड ट्रैफिक एनफोर्समेंट सिस्टम शुरू किया है.
पूरे ढाका में बसें, कारें, मोटरसाइकिलें और पैडल रिक्शा जगह के लिए एक-दूसरे से होड़ करते हैं. गाड़ियां सिग्नल, क्रॉसिंग और यहां तक कि ट्रैफिक पुलिस को भी बाधाएं मानती हैं. जब पुलिस चालान काटती है तो यहां अक्सर बहस छिड़ जाती है. इन्हीं सबसे निपटने के लिए अब AI की मदद ली जा रही है.
ट्रैफिक सार्जेंट एसएम नाजिम उद्दीन ने AFP को बताया, 'जो लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं, वे हमारे खिलाफ हो जाते हैं. लेकिन जब से AI आया है, गाड़ी चलाने वाले लोग कानून का पालन करने लगे हैं और हम रोजमर्रा के झगड़ों से बच गए हैं.'
ट्रैफिक मैनेजमेंट को आधुनिक बनाने की बार-बार की कोशिशों के बावजूद, 2 करोड़ से ज्यादा लोगों का यह शहर अभी भी मैनुअल कंट्रोल पर निर्भर था, जिसमें अधिकारी ट्रैफिक लाइट ग्रीन होने से पहले सड़कों पर रस्सियां खींचकर ट्रैफिक रोकते थे.
लेकिन अप्रैल में, ढाका पुलिस ने ट्रैफिक कैमरों को एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर से जोड़ा, जिसे अपने आप उल्लंघन का पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है.
गाड़ी चलाने वाले 28 साल के हन्नान रहमान जीबोन उन पहले ड्राइवरों में से एक थे जो पकड़े गए. जीबोन ने बताया, 'मैंने लाल बत्ती पार की और मेरी कार के मालिक, जो घर पर बैठे थे, उन्हें एक टेक्स्ट मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि वाहन ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है.' AI सिस्टम के कारण जीबोन पर अपने आप 2,000 टका (लगभग 1,500 रुपये) का जुर्माना लगा. वह कहते हैं, 'अब मैं ज्यादा सावधान रहता हूं, क्योंकि कई अलग-अलग जगहों पर कैमरे लगे हुए हैं.'
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क्या इससे फर्क पड़ रहा है?
अमेरिका के नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च के एक अध्ययन ने ढाका को दुनिया का 'सबसे धीमा शहर' बताया है.
वर्ल्ड बैंक और बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के एक अध्ययन के अनुसार, सिर्फ 4.8 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति के साथ, पैदल चलना ज्यादा तेज है.
ढाका शहर के पुलिस प्रवक्ता एनएम नासिरुद्दीन ने बताया कि AI सिस्टम ने मौजूदा ट्रैफिक-मॉनिटरिंग कैमरा फीड का इस्तेमाल किया, जिसमें सॉफ्टवेयर ने सिग्नल और लेन के उल्लंघन से लेकर अवैध पार्किंग तक के अपराधों की पहचान की.
यह कवरेज पूरे शहर में नहीं फैला है, और समय के साथ मैन्युअल ट्रैफिक प्रवर्तन को धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन पुलिस का कहना है कि इससे लोगों का व्यवहार बदल रहा है. नासिरुद्दीन ने कहा, 'हमें नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं. हमने कम से कम 300 वाहनों पर कार्रवाई की है.'
पुलिस मुख्यालय के एक कंट्रोल रूम के अंदर, 52 वर्षीय विश्लेषक शर्मिन अफरोज, AI सिस्टम से जुड़े लाइव ट्रैफिक फीड के एक सेट पर नजर रख रही थीं, जहां उन ट्रैफिक उल्लंघनों की जांच की जाती है, जिन्हें सिस्टम ने पकड़ा था.
अफरोज ने AFP को बताया, 'पहले, पुलिस वाहनों को रोकती थी, कागज़ात जांचती थी और जुर्माना तय करती थी.' उन्होंने बताया कि एक ही दिन में, इस सिस्टम ने लगभग 800 ट्रैफिक उल्लंघनों को रिकॉर्ड किया था. अभी के लिए, पुलिस केवल सबसे गंभीर उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगा रही है, जबकि दूसरों को चेतावनी दे रही है.
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'नियमों का पालन नहीं करते'
फिर भी, अधिकारी मानते हैं कि इस तकनीक को कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. अफरोज ने कहा, 'हमें भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उदाहरण के लिए, कुछ नंबर प्लेट धुंधली हैं या इतनी छोटी हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल है.'
पुलिस इस समस्या को हल करने के लिए सड़क परिवहन प्राधिकरण के साथ मिलकर काम कर रही है, जबकि जल्द ही कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जैसे कि फुटपाथ पर गाड़ी चलाना भी इसमें जोड़ा जाएगा.
यह सिस्टम अभी केवल मोटर वाहनों पर ही केंद्रित है, और पुलिस अभी भी इस बात पर विचार कर रही है कि ढाका में चलने वाले विशाल पैडल रिक्शा बेड़े को कैसे नियंत्रित किया जाए, जो इस शहर के ट्रैफिक की एक खास पहचान है.
बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर हसीब मोहम्मद अहसान ने कहा कि इस सिस्टम की लंबे समय तक सफलता तकनीक पर कम और इस बात पर ज्यादा निर्भर करेगी कि अधिकारी नियमों को कितनी निरंतरता के साथ लागू करते हैं.
अहसान ने कहा, 'हमने ट्रैफिक सिग्नलों और उनके आधुनिकीकरण पर भारी मात्रा में पैसा खर्च किया है, लेकिन उन प्रयासों को कभी भी निरंतरता नहीं मिल पाई.' वह कहते हैं कि 'हम नियमों का पालन नहीं करते और नाकामी के लिए कोई कोई जवाबदेही भी नहीं है.'
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