ऑस्ट्रेलिया (Australia) में कोरोना वायरस (Covid-19) महामारी के कारण कामगारों (Workforce) की सख्त कमी हो गई है. इसी से निपटने के लिए अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने घोषणा की है वो छात्रों (Students) और बैकपैकर्स (Backpackers) के लिए वीज़ा (Visa) में छूट देगी. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया में अगर कोई स्टूडेंट या वर्किंग हॉलिडे वीज़ा ( Working Holiday Visa) पर ऑस्ट्रेलिया में दाखिल होता है तो उसे एप्लीकेशन की फीस (Application Fee) पर छूट मिलेगी. मॉरिसन ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में आने वाले लोगों की मदद से ऑस्ट्रेलिया में ख़ासतौर से हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) और कृषि (Agriculture) क्षेत्र में "कामगारों की बेहद कमी" से निपटा जा सकेगा.
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कोरोना वायरस (Covid19) का ओमिक्रॉन (omicron) वेरिएंट फैलने के बाद हाल ही के महीनों में ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और भी दबाव में आ गई है. ब्लूमबर्ग की ख़बर के मुताबिक मॉरिसन ने बुधवार को कैनबरा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मेरा संदेश उनके लिए यह है कि 'आ जाइए. अभी आ जाइए."
कोरोना फैलने के डर से कर्मचारियों को अलग करना पड़ा तो इससे देश में सप्लाई की कमी हो गई है. इससे कुछ सुपरमार्केट्स की दराजें खाली पड़ी हैं. कई फूड और लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने बताया है कि हर दिन उनके लगभग 10% से 50% कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं.
हालांकि मॉरिसन ने यह नहीं बताया कि वीज़ा पर कितनी छूट दी जाएगी लेकिन उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए यह अगले आठ हफ्तों तक जारी रहेगी जबकि वर्किंग वीज़ा होल्डर्स के लिए यह 12 हफ्तों तक रहेगी. इस नीति के कारण ऑस्ट्रेलिया पर लगभग $39.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भार पड़ेगा. ट्रेज़रर जोश फ्रायडेनबर्ग का कहना है कि सरकार को उम्मीद है कि इसके लिए लगभग 175,000 लोग अप्लाई करेंगे.
कोरोना की ताजा लहर से पहले नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में खाली पदों की संख्या तीन महीनों में 18.5% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर करीब 400,000 पहुंच गई थी. पिछले दो महीनों में बढ़ने के बाद नवंबर में घटकर बेरोजगारी दर 4.6% रह गई थी.
विपक्षी लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीज़ ने बुधवार को एक लेख में कहा कि ऑस्ट्रेलिया, "विदेशी कर्मचारियों पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर करता है."
अल्बानीज़ ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था को महामारी के प्रभाव के बाद ठीक करना है तो मॉरिसन सरकार को कौशल की कमी पूरी करनी होगी. उन्होंने कहा, "लंबे समय के लिए इसका उपाय हमारी कर्मचारियों की ज़रूरत को पूरा करने के लिए अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों को प्रशिक्षत करना है. यह सामान्य नहीं है कि एक तरफ हमारे पास कौशल की कमी है तो दूसरी तरफ दो मिलियन ऑस्ट्रेलियाई या तो बेरोज़गार हैं या फिर कम पैसों पर काम कर रहे हैं."
मॉरिसन ने कहा कि दूसरे पश्चिमी देशों की तुलना में ऑस्ट्रेलिया कोविड 19 से निपटने में ऊंची वैक्सीनेशन दरों और मौतों की कम संख्या के साथ बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.
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