- उत्तराखंड में ऋषिकेश के गंगा बैराज पर सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई, जो पर्यटन में बड़ा कदम है
- सी-प्लेन सेवा से चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बढ़ावा मिलेगा
- सरकार भविष्य में सी-प्लेन सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक विस्तार देने की योजना बना रही है
उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन सेक्टर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. नदी में छोटा विमान उतार कर उसने बड़ी छलांग लगाई है. ऋषिकेश में सी प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग हुई है. इसे उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से पहले पर्यटन और कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है. गंगा बैराज पर ये पल बहुत ही ऐतिहासिक था, जब एक प्राइवेट कंपनी ने सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की. आसमान से उड़ता जहाज जैसे ही पानी के ऊपर उतरा, इसे देखने वालों की भीड़ लग गई.
आसमान से सीधे नदी में उतरा प्लेन
ये नराजा बहुत ही अदभुत था, जब आसमान से उड़ता हुआ प्लेन सीधे नदी में उतर गया. यह राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. उत्तराखंड सरकार लगातार राज्य में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है. अब ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में सी-प्लेन सेवा की संभावनाएं साकार होती नजर आ रही हैं.
ऋषिकेश में सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग
— NDTV India (@ndtvindia) April 7, 2026
ऋषिकेश के गंगा बैराज पर सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग के साथ उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू हो गया है. इस पहल को पर्यटन और परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. #Rishikesh | #Seaplane pic.twitter.com/XgciTC84p1
एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट
विशेषज्ञों के मुताबिक, सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बूस्ट मिलेगा. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.
उत्तराखंड को प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बनाने पर फोकस
सरकार की प्लानिंग भविष्य में इस सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक विस्तार दिए जाने की है, जिससे उत्तराखंड देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बन सके. यह ट्रायल न सिर्फ तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है.
देश की पहली कमर्शियल सीप्लेन सेवा शुरू करने की तैयारी
स्काईहोप एविएशन के फाउंडर और सीईओ अवनि सिंह ने कहा कि 6 अप्रैल को गंगा बैराज, ऋषिकेष में सफल सीप्लेन टेस्ट फ्लाइट पूरी की. कंपनी भारत की पहली कमर्शियल सीप्लेन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है. जल्द ही एयर ऑपरेटिंग सर्टिफिकेट लेने की तैयारी है. पहले चरण में लक्ष्यद्वीप के 5 द्वीपों को आपस में और मुख्य भूमि से जोड़ा जाएगा. इसकी शुरुआत 19 सीट वाले विमान से की जाएगी. आगे देश के अन्य इलाकों में भी ऐसी सेवाओं की संभावना पर काम चल रहा है. यह परियोजना पीएम नरेंद्र मोदी की सोच से प्रेरित है.
इस योजना के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू , नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA का सहयोग मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सीप्लेन सेवा उन जगहों तक पहुंच आसान बनाएगी, जहां एयरपोर्ट बनाना मुश्किल है या संभव नहीं है. इससे यात्रा समय कम होगा और दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी.
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