- उत्तराखंड में मानसून के बाद 15 सितंबर से चारधाम यात्रा का दूसरा चरण फिर शुरू हो गया है
- चारधाम यात्रा के दौरान अब तक कुल 50 लाख 56 हजार 160 श्रद्धालुओं ने सभी धामों के दर्शन किए हैं
- केदारनाथ में चीरबासा के पास पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने से आवाजाही आज भी रोक दी गई है
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का दूसरा चरण बारिश कम होने के बाद 15 सितंबर से फिर शुरू हो गया है. मानसून सीजन के दौरान चारधाम यात्रा रुक रुक के चल रही थी, लेकिन बारिश कम होने के बाद यात्रा फिर से नियमित रूप से शुरू हो गई है. बद्रीनाथ ,केदारनाथ, गंगोत्री ,यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में फिर से तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है. 19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अबतक 50 लाख 56 हजार 160 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं. वहीं केदारनाथ हेली सेवा के पहले चरण में सभी टिकटों की बुकिंग फुल हो गई है.
चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शरू
उत्तराखंड में 15 सितंबर से एक बार फिर से चार धाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है. यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है. इसके लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी मौजूद हैं. यात्रा को लेकर सरकार ने सभी पुख्ता तैयारी कर ली है.
19 अप्रैल से शुरू हुई चार धाम यात्रा के दौरान अब तक बद्रीनाथ में 17,36,619,केदारनाथ में 14,98,544,गंगोत्री में 7,89,773,यमनोत्री में 7,08,407,हेमकुंड में 3,22,817 में श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है. राज्य सरकार, जिला प्रशासन, बीकेटीसी ने तीर्थयात्रियों के सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं.

केदारनाथ पैदल मार्ग अब भी ब्लॉक
हालांकि केदारनाथ धाम की यात्रा में अभी भी खराब मौसम और पैदल मार्ग पर चिड़बासा में गिर रहे पत्थरों की वजह से चुनौती बनी हुई है. केदारनाथ धाम की यात्रा के बीच एक बार फिर से मंगलवार को चीरबासा के समीप पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही रोकनी पड़ी. गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर चीरबासा के पास मार्ग पर मलबा, पत्थर और बोल्डर आने से स्थिति खतरनाक हो गई. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पैदल आवाजाही बंद कर दी. मार्ग को खोलने और सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

चीरबासा में रास्ता बंद, सोनप्रयाग में रोके गए श्रद्धालु
चीरबासा में रास्ता बंद होने की वजह से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल सोनप्रयाग में रोक दिया गया है. इससे यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को कुछ समय इंतजार करना पड़ रहा है. प्रशासन के मुताबिक, रास्ते से मलबा और पत्थर हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्से को आवाजाही के योग्य बनाने में कम से कम तीन से चार घंटे का समय लग सकता है. ये समय बढ़ भी सकता है.
रास्ते से पत्थर, मलबा हटाने का काम जारी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मार्ग सुचारु होने तक धैर्य बनाए रखें और पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित होने के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा.
केदारनाथ हेली सेवा के लिए अब तक8,900 टिकटों की बुकिंग
केदारनाथ धाम की हेली सेवा का भी दूसरा चरण शुरू हो गया है. इसके लिए करीब 8,900 टिकटों की बुकिंग हुई, जो शाम 7 बजे तक पूरी तरह बुक हो गए. 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक की हेली सेवा के लिए टिकटों की बुकिंग 22 सितंबर से शुरू होगी. यात्रियों की सुविधा के लिए हर 15 दिन के अंतराल पर अगले चरण की टिकट बुकिंग के लिए विंडो खोली जाएगी.केदारनाथ धाम के लिए फिलहाल 8 हेली सेवा संचालक सेवाएं दे रहे हैं.
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