केदारनाथ धाम पैदल मार्ग के चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाओं के बाद रास्ते में अभी श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित कर दिया है. फिलहाल मौसम अनुकूल होने और बारिश थमने के बाद चीरबासा में पत्थर गिरने का सिलसिला रुका हुआ है. इसके बाद सुरक्षा जवानों की निगरानी में यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित रूप से गौरीकुंड की ओर निकाला जा रहा है.
सोमवार को चीरबासा क्षेत्र में आसमान में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हो रही है. मौसम में सुधार के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही को शुरू किया जाएगा. संवेदनशील हिस्से से गुजरने वाले यात्रियों को सुरक्षाबलों की निगरानी में सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है. यात्रियों को किसी भी स्थिति में मार्ग पर रुकने से बचने और सुरक्षा जवानों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि वर्तमान में मौसम अनुकूल होने के दृष्टिगत भीमबली से गौरीकुंड की ओर आने वाले यात्रियों को सुरक्षा मानकों और आवश्यक सावधानियों के साथ चरणबद्ध तरीके से निकाला जा रहा है. यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ, आपदा मित्र और पुलिस बल की रेस्क्यू टीमें मौके पर तैनात हैं. सभी टीमें यात्रियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं.
उन्होंने बताया कि चीरबासा क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. मौसम अथवा पहाड़ी की स्थिति में किसी भी प्रकार का बदलाव होने पर यात्रियों की आवाजाही को तत्काल परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा. प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित तरीके से संवेदनशील क्षेत्र से निकालना है. फिलहाल चीरबासा में स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में बताई जा रही है. रेस्क्यू टीमों की निगरानी में यात्रियों को सुरक्षित रूप से गौरीकुंड की ओर भेजा जा रहा है. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक रुकने से बचें और रेस्क्यू टीमों एवं सुरक्षा जवानों के निर्देशों का पालन करते हुए ही आगे बढ़ें.
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