धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित किसान महाकुंभ के दौरान गंगा तट पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. हर की पौड़ी के सामने स्थित वीआईपी घाट पर भारतीय किसान यूनियन (अनाज क्रांति) द्वारा आयोजित किसान महाकुंभ में महिला डांसरों के फिल्मी गीतों पर प्रस्तुति देने और कार्यक्रम में मौजूद लोगों द्वारा नोट उड़ाने के वीडियो चर्चा का विषय बन गए हैं. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की समस्याओं और कृषि से जुड़े मुद्दों पर मंथन बताया गया था, लेकिन मंच पर हुए मनोरंजन कार्यक्रम ने बहस छेड़ दी है. धार्मिक संगठनों ने इसे हरिद्वार की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है.
किसान महाकुंभ में जुटे थे विभिन्न राज्यों के किसान
पिछले एक माह से हरिद्वार में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा अलग-अलग चिंतन शिविर और किसान सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में 2 और 3 जुलाई को भारतीय किसान यूनियन (अनाज क्रांति) की ओर से वीआईपी घाट पर किसान महाकुंभ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को आमंत्रित किया गया था और कृषि, खेती की चुनौतियों तथा किसान हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की बात कही गई थी.

Haridwar Kisan Mahakumbh: किसान महाकुंभ
फिल्मी गानों पर डांस का वीडियो वायरल
कार्यक्रम के दौरान मंच पर महिला डांसरों द्वारा फिल्मी गीतों पर प्रस्तुति दी गई. आयोजन स्थल से सामने आए वीडियो में कई लोग मंच के सामने डांस करते हुए दिखाई दिए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग डांस के दौरान महिला कलाकारों पर नोट उड़ाते भी नजर आए. कई प्रतिभागी मंच के सामने नाचते और उत्साह व्यक्त करते दिखाई दिए. कार्यक्रम के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
धार्मिक नगरी की मर्यादा पर उठे सवाल
विवाद की मुख्य वजह कार्यक्रम का स्थान बना है. आयोजन हर की पौड़ी के सामने स्थित वीआईपी घाट पर हुआ, जिसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है. आलोचकों का कहना है कि गंगा तट पर आयोजित किसान चिंतन कार्यक्रम में इस प्रकार के मनोरंजन कार्यक्रमों से तीर्थस्थल की गरिमा प्रभावित होती है. वहीं समर्थकों का कहना है कि यह केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति थी.

Haridwar Kisan Mahakumbh: डांस पर बवाल
धार्मिक संगठन ने जताई आपत्ति
श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि गंगा तट और देवभूमि की अपनी धार्मिक मर्यादा है. उनके अनुसार किसान महाकुंभ में किसानों की समस्याओं और विषयों पर चिंतन होना चाहिए था, लेकिन फिल्मी गीतों पर हुए नृत्य और नोट उड़ाने जैसी गतिविधियों ने गलत संदेश दिया है. उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों पर सख्त रुख अपनाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
हरिद्वार में पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद
हरिद्वार में धार्मिक स्थलों और गंगा घाटों पर अनुचित गतिविधियों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं. समय-समय पर जन्मदिन मनाने, हुक्का पीने, गंगा तट पर अनुशासनहीन गतिविधियों और अन्य मामलों को लेकर धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई है. इसी वजह से वीआईपी घाट पर हुए इस कार्यक्रम ने भी नई बहस को जन्म दे दिया है.
आयोजकों की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल कार्यक्रम को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. हालांकि आयोजकों की ओर से इस विवाद पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामला चर्चा में आने के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन और आयोजन समिति इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है.
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