हरिद्वार में कांवड़ मेले में 4 करोड़ 80 लाख यात्री पहुंचे. इस दौरान करीब सात हजार मीट्रिक टन कूड़ा एकत्रित किया गया. मेले के अंतिम दो दिनों में ही लगभग 2 हजार मीट्रिक टन कूड़े का कलेक्शन किया गया. कांवड़ मेले के लिए नगर निगम द्वारा नियमित सफाई व्यवस्था के अतिरिक्त लगभग 1000 आउटसोर्स कर्मचारियों को अलग से काम पर लगाया गया था. इसके साथ ही 80 से अधिक वाहनों को कूड़ा कलेक्शन और परिवहन के लिए तैनात किया गया. कर्मचारियों और वाहनों की तैनाती के माध्यम से प्रमुख घाटों, कांवड़ मार्गों, बाजार क्षेत्रों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई.
कांवड़ मेले के दौरान नगर निगम हरिद्वार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर विशेष इंतजाम किए गए. करोड़ों कांवड़ यात्रियों की आवाजाही के बीच नगर निगम की टीमों ने लगातार सफाई, कूड़ा कलेक्शन, परिवहन एवं अपशिष्ट निस्तारण का कार्य किया. कांवड़ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए नगर निगम द्वारा ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग की गई.
ड्रोन के जरिए रखी गई नजर
ड्रोन के जरिए प्रमुख कांवड़ मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सफाई व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी गई. आवश्यकता के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में तत्काल सफाई टीमों एवं वाहनों को भेजकर व्यवस्था को दुरुस्त किया गया.

कांवड़ मेले के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर ग्रीन चौकियां स्थापित की गईं. इन चौकियों पर श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों को पॉलिथीन के विकल्प के रूप में कंपोस्टेबल ग्रीन बैग उपलब्ध कराए गए. नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य मेले के दौरान प्लास्टिक कचरे को कम करना और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना रहा. इसके साथ ही श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया.
सोलर सेंसर डस्टबिन का सफल ट्रायल
प्रमुख घाटों पर नगर निगम द्वारा स्वच्छता दूतों की तैनाती की गई. स्वच्छता दूतों ने घाटों पर श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ ही कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया. इसके माध्यम से घाटों पर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और नागरिक सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया गया. नगर निगम हरिद्वार द्वारा कांवड़ मेले के दौरान आधुनिक तकनीक आधारित स्वच्छता व्यवस्था की दिशा में सोलर सेंसर डस्टबिन का सफल ट्रायल भी किया गया. इस पहल के माध्यम से स्मार्ट एवं तकनीक आधारित कचरा प्रबंधन व्यवस्था की संभावनाओं का परीक्षण किया गया. नगर निगम द्वारा भविष्य में आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर इस प्रकार की आधुनिक व्यवस्थाओं को और विस्तार देने की दिशा में कार्य किया जाएगा.

नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए नगर निगम द्वारा व्यापक स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की गई थी. अतिरिक्त मानव संसाधन, वाहनों, ड्रोन मॉनिटरिंग, ग्रीन चौकियों, स्वच्छता दूतों और आधुनिक तकनीक के प्रयोग के माध्यम से सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने का प्रयास किया गया.

लगातार जारी रहेगा सफाई अभियान
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले का समापन सफाई व्यवस्था का अंत नहीं है. मेले के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट को पूरी तरह हटाने तथा हरिद्वार के घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित स्वरूप में लाने के लिए विशेष सफाई अभियान लगातार जारी रहेगा. उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों, पर्यावरण मित्रों, आउटसोर्स कर्मचारियों एवं वाहन चालकों की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार कार्य करते हुए सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
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