- UP में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव के दौरान शराब बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई गई है
- 23 अक्टूबर को राज्य के नौ जिलों में शराब की सभी दुकानें, बार, मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन बंद रहेंगी
- लखनऊ में 23 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक शराब की सभी दुकानों को बंद रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं
उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने शराब बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है. इसके तहत 23 अक्टूबर को राज्य के नौ जिलों में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी.
प्रशासन के आदेश के अनुसार इस दौरान केवल शराब की दुकानों पर ही नहीं बल्कि बार. मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन में भी शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. अधिकारियों का मानना है कि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकने के लिए यह कदम जरूरी है.
-
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह -
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | भारतीय एविएशन को नई ताकत, GE Aerospace अगले 9–10 साल में देगा 3,200 इंजन -
NDTV WORLD SUMMIT : जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह
वहीं राजधानी लखनऊ में शराब बिक्री को लेकर और भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. जिला प्रशासन ने 23 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक शराब की सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है. इस अवधि में किसी भी प्रकार की शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी.
चुनाव के लिए लगाई रोक
प्रशासन ने संबंधित विभागों और दुकान संचालकों को आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. चुनावी माहौल को देखते हुए पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें भी निगरानी रखेंगी ताकि कहीं भी अवैध बिक्री न हो सके. हर चुनाव के दौरान ड्राई डे घोषित करना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मानी जाती है. इसका उद्देश्य मतदान को स्वतंत्र. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना होता है.
यह भी पढ़ें-
यूपी विधान परिषद चुनाव 2026: विधानसभा चुनाव से पहले ही बीजेपी-सपा आए आमने-सामने, कौन जीतेगा संग्राम
यूपी में कानून से ऊपर कोई नहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में आए बदलाव का किया जिक्र
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं