ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने चार ऐसे तस्करों को गिरफ्तार किया है जो यूनिवर्सिटी, कॉलेज और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों तक विदेशी और सिंथेटिक ड्रग्स पहुंचाने का काम करते थे. आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये मूल्य की प्रतिबंधित ड्रग्स बरामद की गई हैं.
चेकिंग के दौरान हुई कार्रवाई
एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने बताया कि थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने 30 जुलाई को क्राउन एक्सपो की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की. संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया गया. तलाशी के दौरान उनके पास बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ मिले जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
बरामद हुई विदेशी और सिंथेटिक ड्रग्स
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 1.05 किलोग्राम सिलोंग गांजा, 70 ग्राम शैम्पेन एमडी, 75 ग्राम ओजी (ओरिजिनल ग्रोअर कैलिफोर्निया वीड), 144 एमडीएमए एक्स्टेसी गोलियां और 63 ग्राम काला हशीश बरामद किया गया. इसके अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है.
व्हाट्सएप पर लेते थे ऑर्डर
जांच में सामने आया है कि आरोपी मुख्य रूप से कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों को निशाना बनाते थे. वे व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर लेते थे और मांग के अनुसार ड्रग्स की सप्लाई करते थे. विदेशी ड्रग्स को तीन से चार हजार रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर बेचा जाता था. पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था.
चार आरोपी गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलेसरा निवासी इमरान, उत्तराखंड निवासी दीपक कुमार, फर्रुखाबाद निवासी शिवम कुमार और हल्द्वानी निवासी बॉबी के रूप में हुई है. सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.
अब सप्लाई चेन की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को यह ड्रग्स कहां से मिलती थी और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही गिरफ्तार तस्करों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है.
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