- बांग्लादेश में संत चिन्मय दास को देशद्रोह के आरोप में नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था.
- चिन्मय दास की मां कैंसर से पीड़ित थीं और उन्होंने अपने बेटे के आश्रम में अंतिम दिन बिताने की इच्छा जताई थी.
- चिन्मय को मां के निधन पर केवल पांच घंटे की पैरोल दी गई ताकि वे अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें.
बांग्लादेश में हिंदू अधिकारों की आवाज उठाने वाले और इस्कॉन से जुड़े संत चिन्मय कृष्ण दास इन दिनों जेल में बंद हैं. इसी बीच उनकी मां का निधन हो गया, लेकिन उन्हें अंतिम समय में मां का साथ नसीब नहीं हो सका. बांग्लादेश के अधिकारियों ने उन्हें केवल 5 घंटे की पैरोल,दी, ताकि वे अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि चिन्मय फूट-फूटकर रो रहे हैं.
कैंसर से जूझ रही थीं चिन्मय दास की मां
चिन्मय दास की मां लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं. उन्होंने अपने जीवन के अंतिम दिन अस्पताल में नहीं, बल्कि अपने बेटे के आश्रम के माहौल में बिताने की इच्छा जताई थी. हालांकि, परिस्थितियां ऐसी रहीं कि मां और बेटे की यह आखिरी ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी. अब इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जो लोगों को भावुक कर रहा है. वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बांग्लादेश की न्यायिक व्यवस्था और वहां हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि गंभीर बीमारी से जूझ रही मां से मिलने की अनुमति समय रहते क्यों नहीं दी गई.
चिन्मय दास को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था
हिंदू संत दास को नवंबर 2024 में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उन पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन देखने को मिले और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था.
‘द डेली स्टार' अखबार की खबर के अनुसार, चटगांव के जिला उपायुक्त मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम ने दास के परिवार की ओर से दिए गए आवेदन के बाद बृहस्पतिवार दोपहर हिंदू संत को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया. दास की 70 वर्षीय मां संध्या रानी धर का हथजारी स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा था और बृहस्पतिवार सुबह उनका निधन हो गया. अखबार ने जाहिदुल इस्लाम के हवाले से कहा, ‘‘मां के निधन के बाद दास के भाई की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर हमने कानून के अनुसार चिन्मय कृष्ण को पांच घंटे के लिए पैरोल पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है.''
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