ब्रिक्स समिट के सफल आयोजन से पूरी दुनिया में भारत की नई धाक बन रही है. लेकिन इस बीच पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है. वाराणसी में सीवर लाइनों से बालू से भरी बोरियां मिली है. कहा जा रहा है कि सीवर लाइनों को जाम कर वाराणसी में जलजमाव जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश थी. जिससे पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के विकास पर सवाल उठाते हुए उसे बदनाम किया जाए. यूपी में कुछ महीनों बाद विधानसभा का चुनाव होना है, ऐसे में इस तरह की साजिशों का स्थानीय स्तर पर बड़ा असर हो सकता था.
मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी में सीवर लाइनों से बालू से भरी बोरियां, पत्थर और लकड़ी का बुरादा मिला है. शिवाला, नगवा, सरायनंदन समेत आधा दर्जन वार्डों में नालों से भारी मात्रा में बोरियों में भरा मलबा मिला है. मुख्य सीवर लाइन को जाम कर गलियों में ओवरफ्लो कराने की साजिश की बात की जा रही है.
शिवाला में सफाई के दौरान नालियों से मिली 12 बोरियां बालू
शिवाला में सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू बरामद की गई है. इस मामले में वाराणसी नगर निगम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है. सीसीटीवी फुटेज खंगालकर इस तरह की खतरनाक साजिश रचने वाले अराजक तत्वों की पहचान की कोशिश की जा रही है. महापौर और नगर आयुक्त ने भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का जायजा लिया है. प्रशासन पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है

नालियों से बालू भरी बोरियां निकालते वाराणसी नगर निगम के कर्मी.
नगर आयुक्त ने भेलुपुर थाने में करवाई प्राथमिकी
वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी का कहना है ये सरकार को बदनाम करने की शरारती तत्वों की साजिश हो सकती है. वहीं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस पर भेलुपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है. स्थानीय सभासद भी आरोप लगते है कि साजिश के तहत सीवेज टैंक में बोरे डाले गए हैं ताकि सड़कों पर वाटर लाकिंग हो जनता परेशान हो. नगर निगम बदनाम हो, क्योंकि कुछ महीनों बाद चुनाव है.
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