अयोध्या में राम मंदिर की रखवाली अब सिर्फ पुलिस और बैरिकेड्स के भरोसे नहीं होगी. देश के सबसे भरोसेमंद कमांडो अब अयोध्या में स्थाई डेरा डालने जा रहे हैं. ब्लैक कैट कमांडो के नाम से मशहूर NSG की स्थायी तैनाती के लिए अयोध्या में नया रीजनल हब तैयार किया जा रहा है, जो सितंबर के अंत तक शुरू हो सकता है. आतंकी हमलों से निपटने में माहिर यह फोर्स अब सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों की सुरक्षा चुनौतियों पर नजर रखेगी. राम मंदिर पर दुनिया की नजरों और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच इसे एक बड़ा और रणनीतिक सुरक्षा कवच माना जा रहा है. इसके शुरू होने के बाद किसी आतंकी हमले, बंधक संकट या बड़े सुरक्षा खतरे की स्थिति में ब्लैक कैट कमांडो को दिल्ली या दूसरे शहरों से बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे अयोध्या में ही 24 घंटे तैयार रहेंगे.
आखिर अयोध्या में NSG हब की जरूरत क्यों पड़ी?
दरअसल राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या सिर्फ एक धार्मिक नगरी नहीं रही, बल्कि देश के बेहद संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी शहरों में भी शामिल हो गई है.राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है. हर दिन हजारों लोग यहां पहुंच रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां पहले ही राम मंदिर को देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शामिल कर चुकी हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने फैसला किया कि यहां NSG की स्थायी मौजूदगी जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जवाबी कार्रवाई की जा सके.
सिर्फ अयोध्या नहीं, पूरे UP पर रहेगी नजर
NSG यानी National Security Guard देश की सबसे प्रशिक्षित आतंकवाद रोधी फोर्स मानी जाती है. 26/11 मुंबई हमलों से लेकर कई हाई-रिस्क ऑपरेशनों में NSG कमांडो अपनी भूमिका निभा चुके हैं. इन्हें ब्लैक कैट कमांडो कहा जाता है क्योंकि इनके काले यूनिफॉर्म और विशेष ऑपरेशन कौशल की पहचान पूरी दुनिया में है. यह हब सिर्फ राम मंदिर की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा.
26/11 के बाद बदली थी रणनीति
दिलचस्प बात यह है कि मुंबई हमलों के बाद NSG के रीजनल हब बनाने की रणनीति शुरू हुई थी. 2008 के हमलों के दौरान कमांडो को दिल्ली से मुंबई पहुंचने में समय लगा था. इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में NSG हब बनाए गए ताकि प्रतिक्रिया समय कम किया जा सके. अयोध्या में बनने वाला हब इसी रणनीति का नया विस्तार माना जा रहा है. अभी NSG के प्रमुख हब मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद/गांधीनगर और जम्मू क्षेत्र में मौजूद हैं. अयोध्या का हब शुरू होने के बाद यह NSG का सातवां क्षेत्रीय केंद्र होगा. गृह मंत्री अमित शाह ने 2025 में इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि यहां कमांडो सालभर 24x7 तैनात रहेंगे और किसी भी आतंकवादी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे.अयोध्या में NSG की स्थायी तैनाती को सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर नहीं देखा जा रहा. यह इस बात का भी संकेत है कि केंद्र सरकार अयोध्या को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र मानती है. राम मंदिर की सुरक्षा में पहले से यूपी पुलिस, CRPF और अन्य एजेंसियां लगी हुई हैं. अब ब्लैक कैट कमांडो की मौजूदगी इस सुरक्षा घेरे को और मजबूत करेगी.
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