- राहुल गांधी ने रायबरेली में विकास योजनाओं की स्थिति को लेकर अधिकारियों से सड़कों की खराब हालत पर सवाल पूछे
- पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कई सड़कों की खराब स्थिति की तस्वीरें राहुल गांधी ने अधिकारियों को दिखाईं
- गांधी ने मरम्मत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन को खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए
रायबरेली में आयोजित दिशा समिति की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति को लेकर अधिकारियों से कई सवाल पूछे. बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों की खराब हालत को लेकर हुई. राहुल गांधी ने अधिकारियों के सामने कई सड़कों की बड़ी तस्वीरें रखीं और उनकी स्थिति पर जवाब मांगा.
तस्वीरें दिखाकर पूछा, सड़कें खराब क्यों हैं?
राहुल गांधी ने कुचरिया-विश्वनाथगंज, भवानीगढ़-बहुधा, डलमऊ-जगतपुर, दरीबा-कठघर और सुल्तानपुर खेड़ा-सहजौरा मार्ग की तस्वीरें दिखाईं. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि यदि योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ है तो ये सड़कें इतनी खराब हालत में क्यों हैं.
बैठक के दौरान उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिकारियों से करीब 15 मिनट तक विस्तार से सवाल-जवाब किए. अधिकारियों ने बताया कि ये सड़कें लगभग दो वर्ष पहले बनाई गई थीं और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की है.
मरम्मत व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद राहुल गांधी ने पूछा कि ठेकेदार के साथ हुए रखरखाव समझौते के तहत सड़क की मरम्मत के लिए राज्य सरकार की ओर से धन उपलब्ध कराया जाता है या नहीं. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि जिन सड़कों की हालत खराब है उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए और इसकी जानकारी उन्हें दी जाए.

दिशा समिति बैठक में राहुल गांधी.
भाजपा विधायक के दावे पर दिखाई वास्तविक तस्वीर
बैठक के दौरान नामित सदस्य किरण देवी ने सलोन विधानसभा क्षेत्र में मोहम्मदाबाद के दुधवा बॉर्डर से जगदंब ऋषि की तपोस्थली तक जाने वाली सड़क की खराब हालत का मुद्दा उठाया. इस पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक अशोक कोरी ने मोबाइल फोन पर सड़क की तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि सड़क अच्छी स्थिति में है और गलत जानकारी दी जा रही है.
राहुल गांधी ने तुरंत संबंधित सड़क की लोकेशन गूगल मैप पर निकलवाई और वास्तविक स्थिति अधिकारियों तथा बैठक में मौजूद लोगों को दिखाई. उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी और जमीनी हालात में अंतर है. इसके बाद जिला प्रशासन को सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए गए.
केंद्र और राज्य सरकार पर भी साधा निशाना
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के लिए केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत भेजे गए कई प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली. उन्होंने इस मुद्दे को राज्य के साथ भेदभाव बताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए.
राहुल गांधी ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना का भी जिक्र किया और कहा कि योजना का प्रचार ज्यादा दिखाई देता है जबकि जमीन पर काम अपेक्षा के अनुसार नजर नहीं आता. हालांकि बैठक में मौजूद भाजपा विधायक और अन्य प्रतिनिधियों ने योजनाओं की उपलब्धियां गिनाते हुए उनका बचाव किया.
ढाई घंटे तक चली योजनाओं की समीक्षा
कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में हुई बैठक में राहुल गांधी ने लगभग ढाई घंटे तक विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की. इससे पहले उन्होंने भुएमऊ गेस्ट हाउस में लोगों और प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की तथा सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया. बैठक के दौरान उनका फोकस खास तौर पर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े मुद्दों पर रहा.
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