- प्रयागराज में नीट परीक्षा में असफलता से टूटी 18 साल की लड़की ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारी
- ऋतु ने कई बार नीट परीक्षा दी लेकिन लगातार असफलता और मानसिक तनाव के कारण वह परेशान थी
- पुलिस ने मौके से पिस्तौल, कारतूस और मोबाइल फोन जब्त कर फिंगरप्रिंट और बैलिस्टिक साक्ष्य इकट्ठा कर जांच शुरू की
नीट परीक्षा में बार-बार मिल रही असफलता से टूट चुकी एक 18 साल की लड़की ने आत्महत्या कर ली. मामला प्रयागराज के झूंसी का है. ऋतु नाम की छात्रा ने अपने ही घर में पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली. दिल दहला देने वाले इस खौफनाक कदम के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है. वहीं परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय झूंसी थाना पुलिस और उच्चाधिकारी और फॉरेंसिक फील्ड यूनिट तुरंत मौके पर पहुंचा. अधिकारियों ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से मुआयना किया और मौके से पिता की लाइसेंसी पिस्टल, खोखा और अन्य साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू की. पुलिस ये पता लगा रही है कि ऋतु ने किन हालातों में ये खौफनाक कदम उठाया.
नीट छात्रा ने पिस्तौल से खुद को मारी गोली
घटना प्रयागराज के झूंसी थाना के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी में सोमवार की शाम को हुई. मृतक ऋतु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली थी. उसके पिता देवराज शर्मा एनएचएआई में इंजीनियर थे. रिटायर होने के बाद वह पिछले करीब छह सालों से प्रयागराज में अपने परिवार के साथ रह रहे थे. उन्होंने यहां अपना मकान बना लिया था.परिवार में पत्नी और बेटी ऋतु और एक बेटा ऋषि है. बेटा देहरादून में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा है. ऋतु अपने माता-पिता के साथ प्रयागराज में रहकर डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी. इसके लिए वह पिछले कई सालों से जी जान से मेहनत में जुटी थी. वह नीट की तैयारी पूरी शिद्दत से कर रही थी लेकिन फिर भी सफलता नहीं मिल पा रही थी.
परिजनों और पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, ऋतु कई बार नीट परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन कड़ी मेहनत के बावजूद उसका सलेक्शन नहीं हो पा रहा था.परीक्षा में बार-बार मिल रही असफलता की वजह से वह टूट गई और पिछले काफी समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रही थी. वह घर में भी बहुत गुमसुम रहती थी. घर के लोगों से भी वह ज्यादा बात नहीं करती थी.

नीट में लगातार असफलता से थी परेशान
सोमवार शाम वह घर की पहली मंजिल पर कमरे में अकेली थी. करीब साढ़े पांच बजे उसकी मां किसी काम से उसे बुलाने के लिए कमरे के पास पहुंचीं और कई बार उन्होंने दरवाजा खटखटाया. बेटी को आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई और न ही कोई जवाब मिला. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर मां डर गई. उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी. फिर पुलिस को मामले की खबर दी गई. सूचना मिलते ही झूंसी थाने की पुलिस टीम आनन-फानन में त्रिवेणीपुरम स्थित आवास पर पहुंची.
पुलिसकर्मियों ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का मंजर देखकर सभी के होश उड़ गए. लोअर और टी-शर्ट पहने ऋतु जमीन पर खून से लथपथ अचेत पड़ी हुई थी. उसके सिर में गोली लगी थी और फर्श पर चारों तरफ काफी खून था. शव के ठीक बगल में ही फर्श पर उसके पिता देवराज शर्मा की लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी. ये सब देखते ही स्पष्ट हो गया कि उसने इसी असलहे से अपने सिर में गोली मार ली है. हैरानी की बात यह है कि बेटी ने खुद को गोली मार ली और परिवार को आवाज तक सुनाई नहीं दी.

छात्रा ने नहीं छोड़ा सुसाइड नोट
उनका कहना है कि गोली चलने के दौरान वे अपने-अपने घरेलू कामकाज में व्यस्त थे, जिसके चलते उन्हें आवाज का तुरंत एहसास नहीं हो सका.घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अरुण पराशर और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और बैलिस्टिक साक्ष्य एकत्रित किए. पुलिस ने मौके से लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस का खोखा और छात्रा का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है. कमरे की तलाशी के दौरान फिलहाल पुलिस को कोई लिखित सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से यही स्पष्ट होता है कि नीट परीक्षा में लगातार मिली विफलता और करियर के भारी मानसिक दबाव के चलते ही छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाया. मामले की गहराई से तफ्तीश चल रही है. पुलिस ने कहा कि लड़की के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच होगी.
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