Pratapgarh House Collapse: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया. नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली गांव में करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे के समय परिवार के लोग घर में सो रहे थे. तेज आवाज के साथ मकान ढहते ही चीख-पुकार मच गई और ग्रामीण मदद के लिए मौके पर दौड़े. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया. हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य सुरक्षित बच गया.

Pratapgarh House Collapse: मलबा हटाते हुई रेस्क्यू टीम
तड़के दो बजे अचानक ढह गया मकान
जानकारी के अनुसार महुली गांव निवासी प्रमोद श्रीवास्तव का मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था. गुरुवार तड़के करीब दो बजे अचानक मकान भरभराकर गिर गया. घटना के समय परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे. मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग जाग गए और मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी. थोड़ी ही देर में पुलिस टीम, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया.
आज दिनांक 06.08.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम महुली में एक जर्जर मकान गिरने की घटना हुई, जिसमें 06 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जबकि 01 व्यक्ति सुरक्षित है। सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। सभी मृतकों के शवों को… pic.twitter.com/vnWogHUXhx
— PRATAPGARH POLICE (@pratapgarhpol) August 5, 2026
मलबे में दबा पूरा परिवार
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने का काम शुरू किया. कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया. घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया. हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, रीता श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, माधव और मासूम अद्विक की मौत हो गई.

Pratapgarh House Collapse: शवों को सौंपा गया
एक सदस्य सुरक्षित बचा
इस दर्दनाक हादसे में परिवार के 28 वर्षीय अमन श्रीवास्तव किसी तरह सुरक्षित बच गए. उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है. एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. पूरे इलाके में शोक का माहौल है और ग्रामीण इस हादसे को बेहद भयावह बता रहे हैं.
जर्जर भवनों पर उठे सवाल
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि इतना पुराना और जर्जर मकान रहने लायक था या नहीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार अब भी पुराने और कमजोर मकानों में रहने को मजबूर हैं. ऐसे भवनों की समय रहते पहचान और मरम्मत या खाली कराने की व्यवस्था नहीं होने से बड़े हादसों का खतरा बना रहता है. प्रतापगढ़ की यह घटना प्रशासन के लिए भी गंभीर चेतावनी मानी जा रही है.
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रशासनिक अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं.
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