- नोएडा में कई निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने वेतन और अन्य मांगों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया है
- प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ कर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है
- पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया है
नोएडा में आज कई निजी कंपनियों के कर्मचारियों का सैलरी सहित कई मांगों को लेकर गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते ही भारी संख्या में कर्मचारियों ने सड़कों पर बवाल काट दिया. आगजनी-पत्थरबाजी और तोड़फोड़ ने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया है. मामला बिगड़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और आंसू गैस के गोले छोड़ भीड़ को तितर बितर कर दिया. बीती रात सरकार ने इनकी अधिकतर मांगें मान ली थीं पर आज फिर प्रदर्शन उग्र हो गया.सीएम योगी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए कई निर्देश दिए हैं.हालत ये हैं कि नोएडा के कई रास्ते जाम हो गए हैं. ऑफिस आने-जाने वाले लोग इस बीच आइए आपको बताते हैं कि नोएडा की इस कंपनी के भड़के कर्मचारियों की असल मांगें क्या हैं-
कल ही मांग ली गईं थीं कई मांगें,फिर भी नहीं थमा बवाल
निजी कंपनियों के कर्मचारियों की कई मांगें कल यानी रविवार को ही सरकार ने मांग ली थीं पर आज सुबह होते ही ये बवाल के रूप में सामने आ गया. कर्मचारियों की असल मांग सैलरी बढ़ाने को लेकर है. प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि श्रमिकों के आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
#WATCH | Uttar Pradesh: Vehicles and properties vandalised and stones pelted in Phase 2 of Noida where a large number of employees of a company gathered in protest over their demands for a salary increment. Heavy Police deployment made here to bring the situation under control.… pic.twitter.com/1B0axJZSBN
— ANI (@ANI) April 13, 2026
मांगें जो मांग ली गई थीं
➔श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा मतलब जो भी श्रमिक ओवर टाइम करता है, उसको उस दिन के हिसाब से दोगुने पैसे दिए जाएंगे.इसमें किसी भी तरह की कटौती दंडनीय होगी.
➔प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान अनिवार्य है.
➔हर श्रमिक को सैलरी स्लिप भी देना अनिवार्य कर दिया गया है.
➔डीएम ने कंपनियों को त्योहार पर श्रमिकों के लिए बोनस देने को भी कहा है.
➔दिवाली के बाद या नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक सीधे बैंक खातों में करना होगा.
यातायात अलर्ट/डायवर्जन
— Noida Traffic Police (@Noidatraffic) April 13, 2026
यातायात हेल्पलाइन नं–9971009001 pic.twitter.com/euajZsTFsl
मांगें जिनपर मच गया बवाल
नोएडा का फेस टू क्षेत्र जहां होजरी कंपलेक्स में करीब 100 से अधिक कंपनियां संचालित हैं. इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र ईकोटेक थर्ड के औद्योगिक विहार क्षेत्र में भी 100 से अधिक कंपनियां हैं जहां से बड़ी संख्या में मजदूर इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं. कुल मिलाकर इन दोनों क्षेत्रों में 500 से अधिक कंपनियों के कर्मचारी किसी न किसी रूप में इस आंदोलन से जुड़े बताए जा रहे हैं.
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगे लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं. उनकी मुख्य मांग है
➔न्यूनतम वेतन बढ़कर 26000 रुपए प्रतिमाह किया जाए
➔ओवर टाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले, काम के घंटे तय हों
➔अतिरिक्त काम का दबाव न हो
➔हर सप्ताह एक दिन का अवकाश सुनिश्चित किया जाए
➔ वेतन समय पर बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए
➔श्रम कानून को शक्ति से पालन हो
मजदूरों के आरोप
➔मौजूदा समय में बहुत कम वेतन मिल रहा है जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है
➔कर्मचारियों को प्रतिदिन 500 से ₹700 तक ही मजदूरी मिलती है, इसके अलावा 10-12 घंटे तक काम कराया जाता है
➔ओवर टाइम का सही भुगतान नहीं होता
➔ छुट्टी और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलती
इन समस्याओं के कारण मजदूरों का गुस्सा लगातार बढ़ता गया और आखिरकार प्रदर्शन उग्र हो गया
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प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश बताया कि नवीन श्रम संहिताओं के अंतर्गत श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए जा रहे हैं. इनमें न्यूनतम वेतन की गारंटी, समयबद्ध एवं पूर्ण वेतन भुगतान, समान कार्य हेतु समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, कार्य समय का नियमन, शोषण पर रोक, सामाजिक सुरक्षा (ईपीएफ एवं ईएसआई), ग्रेच्युटी, तथा असंगठित एवं गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में शामिल करना प्रमुख है.
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