Yamuna Expressway: उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है. अब जेवर तक सफर करने के लिए इन किसानों को टोल टैक्स नहीं देना होगा. इस छूट का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने पहचान पत्र और गाड़ी की आरसी जैसे कई जरूरी दस्तावेज जेवर टोल प्लाजा स्थित परियोजना कार्यालय में देने होंगे. इसके लिए अंतिम तारीख 15 जून है.
जेवर तक टोल फ्री यात्रा कर सकेंगे ये किसान
दरअसल, एक्सप्रेस-वे का संचालन करने वाली कंपनी जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड ने प्रभावित किसान परिवारों को टोल टैक्स में सौ फीसदी छूट देने का ऐतिहासिक फैसला किया है. इस परियोजना के लिए लगभग 1,600 हेक्टेयर भूमि देने वाले गौतमबुद्ध नगर के करीब 4,500 किसानों को इस योजना के पहले चरण में सीधा लाभ मिलेगा. एक्सप्रेस-वे प्रबंधन जीके शर्मा के अनुसार, यह पूरी तरह से टोल-मुक्त आवाजाही जेवर टोल प्लाजा पर लागू होगी. इस छूट का लाभ न केवल मूल भूस्वामियों यानी किसानों को मिलेगा, बल्कि उनके बेटों को भी दिया जाएगा, बशर्ते वे स्वामित्व और पहचान से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे.

यमुना एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 165.5 किलोमीटर.
अलीगढ़, मथुरा से आगरा तक होगा इसका विस्तार
इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और फिलहाल पूरा ध्यान गौतमबुद्ध नगर पर केंद्रित है. पहले चरण के तहत ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट से 40 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को शामिल किया जा रहा है. इसके बाद अगले चरणों में इस योजना का विस्तार अलीगढ़, मथुरा और आगरा जैसे अन्य जिलों के उन किसानों के लिए भी किया जाएगा, जिन्होंने एक्सप्रेस-वे के लिए अपनी जमीनें दी थीं. इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक्सप्रेस-वे प्रबंधन की टीम ने हाल ही में रोनीजा, नीलोनी मिर्जापुर, अच्छेजा, रीलखा, सलारपुर और भाईपुर ब्राह्मण सहित कई प्रभावित गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया है ताकि सभी को आवेदन प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके.
दस्तावेज जमा करने पर मिलेगा लाभ
टोल टैक्स छूट का लाभ प्राप्त करन के लिए किसानों को जेवर टोल प्लाजा पर स्थित प्रोजेक्ट ऑफिस में अपने दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसकी अंतिम तिथि 15 जून तय की गई है. सत्यापन प्रक्रिया के लिए किसानों को जमीन अधिग्रहण से संबंधित फॉर्म-11, पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर वोटर आईडी कार्ड, वाहन की आरसी और मोबाइल नंबर जमा करना अनिवार्य होगा. दूसरी ओर पूर्व में टोल छूट को लेकर हुए किसान संगठनों के आंदोलनों के मद्देनजर गौतमबुद्ध नगर पुलिस और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण पूरी तरह सतर्क हैं.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती समझौते के तहत कंपनी वास्तविक भूस्वामियों को पास देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है और इस सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है, ताकि मुफ्त आवाजाही के नाम पर फर्जी या व्यावसायिक वाहनों के दुरुपयोग को पूरी तरह रोका जा सके.
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