- शिवसेना राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ऑपरेशन टाइगर पर प्रतिक्रिया दी है
- उन्होंने कहा कि बेईमान को कितने दिन तक कोई पकड़कर रख सकता है
- गौरतलब है कि ऐसे कयास हैं कि शिवसेना उद्धव गुट के कुछ सांसद पाला बदल सकते हैं.
शिवसेना उद्धव गुट में ऑपरेशन टाइगर की खबरों पर पार्टी के नेता संजय राउत ने सत्तारूढ़ बीजेपी को आड़े हाथ लिया है. NDTV के साथ बातचीत में उन्होंने हालांकि, पार्टी में टूट की खबरों पर तो सीधे कुछ नहीं कहा लेकिन इतना जरूर कहा कि हम एमपी-MLA बनाते हैं और बार-बार लोग छोड़ जाते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि बेईमान लोगों का क्या कर सकते हैं. गौरतलब है की टीएमसी में 20 सांसदों की टूट के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसेना (उद्धव गुट) में भी टूट हो सकती है. यवतमाल वाशिम के शिवसेना (उद्धव) के सांसद संजय देशमुख के केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव से दिल्ली में मुलाकात के बाद अटकलें और तेज हो गई है.
उद्धव की बैठक में 5 सांसद वर्चुअली जुड़े
मुंबई में उद्धव ठाकरे की बुलाई गई बैठक में महज चार सांसद ही आए थे. बाकी 5 सांसद वर्चुअल तरीके से जुड़े थे. उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने दावा किया है कि कुछ सांसद जरूरी काम के कारण बैठक में नहीं आ पाए थे. हालांकि, सियासी गलियारे में ऐसी चर्चा है कि उद्धव गुट के कुछ सांसद जल्द ही शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं.
#NDTVExclusive | "Who is the person who has made these claims? I have never seen him, he will now dictate these?" : Senior Shiv Sena (UBT) leader and MP Sanjay Raut (@rautsanjay61) speaks to NDTV's @aishvaryjain on 'Operation Tiger' buzz pic.twitter.com/x33LIvQDWc
— NDTV (@ndtv) June 16, 2026
बेईमान को कितने दिन तक पकड़कर रख सकते हैं
एनडीटीवी के साथ बातचीत में राउत ने कहा कि शिवसेना एक ऐसी पार्टी है, जिसे बाला साहेब ठाकरे ने बनाई है, ये मजबूत पार्टी है. राउत ने कहा कि ये किसी एमपी, एमएलए की पार्टी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमलोग तो सांसद और विधायक बनाते हैं. लेकिन जो बेईमान होता है उसे आप कितने दिन तक पकड़कर रख सकेंगे. उन्होंने कहा कि देख लेंगे क्या होता है.
केंद्रीय मंत्री से मिलना क्या अपराध है?
इस सवाल पर कि आपने कहा कि सभी 9 सांसद उद्धव ठाकरे की मीटिंग से जुड़े लेकिन सोमवार को सांसद संजय देशमुख ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की है, इसपर राउत ने कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री से मिलना अपराध है क्या? अगर मेरा प्रधानमंत्री के पास कुछ काम है तो मैं जाऊंगा प्रधानमंत्री से मिलने. मैं गृह मंत्री से भी मिलूंगा. मैं हेल्थ मिनिस्टर से मिलूंगा. मैं धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात करूंगा. क्यों नहीं मिलूंगा. मैं एक सांसद हूं. वो कैबिनेट मंत्री हैं. देश के लिए उनको रखा है तो हम जाकर उनसे मिलेंगे.
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