लखनऊ: यूपी में अब नीब करोरी बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर आध्यात्मिक पर्यटन का नया सर्किट विकसित किया जा रहा है. फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी. फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करौरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं.
सर्किट के पहले फेज के तहत पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. यूपी सरकार के बयान के मुताबिक, 2.22 करोड़ रुपये की दूसरे चरण की परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है. इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
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अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी होगी शुरू
अधिकारियों ने बताया कि अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी, जबकि फर्रुखाबाद में नीब करौरी आश्रम के विकास पर 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है. इन सभी कार्यों का उद्देश्य बाबा से जुड़े स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन अनुभव में बदलना है.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अब उनकी विरासत को संरक्षित करने और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बाबा की विरासत को जीवंत रखने के साथ राज्य में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं.
ये मंदिर हैं सर्किट में शामिल
उन्होंने बताया कि बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब ‘नीब करौरी बाबा सर्किट' के रूप में जोड़ा जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी. उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करौरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं.

बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विरासत को करीब से जानने का मिलेगा अवसर
पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने बताया कि नया 'नीब करोरी बाबा सर्किट' उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन परिपथों में एक महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी और उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा.
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