- सिपाही सुनील कुमार शुक्ला पुलिस सेवा से बर्खास्त
- सोशल मीडिया के जरिए विभागीय अधिकारियों पर लगाए थे गंभीर आरोप
- लखनऊ पुलिस दी सिपाही की बर्खास्तगी की जानकारी
यूपी के पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, विभागीय व्यवस्था और प्रताड़ना का आरोप लगाने वाले चर्चित सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. लखनऊ पुलिस के ऑफिशियल एक्स हैंडल से रविवार को इस बात की जानकारी दी गई है. लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए विभागीय अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने और विभागीय अधिकारियों पर ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली के गंभीर आरोप लगाने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया था.
लखनऊ पुलिस के ऑफिशियल एक्स हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार, विभागीय जांच में सोशल मीडिया/मीडिया मंचों के दुरुपयोग, विभागीय अनुशासनहीनता और नियमों के लगातार उल्लंघन के दोषी पाए जाने पर आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया है. लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, 7 मई 2026 को गठित जांच समिति ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए और आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला सहित सभी संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका दिया, लेकिन आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके.
विभागीय जांच में सोशल मीडिया/मीडिया मंचों के दुरुपयोग, विभागीय अनुशासनहीनता और नियमों के लगातार उल्लंघन के दोषी पाए जाने पर आरक्षी श्री सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया। @Uppolice pic.twitter.com/d3IhmnqmTD
— LUCKNOW POLICE (@lkopolice) June 28, 2026
'विभाग की छवि को बिना साक्ष्य के घूमिल करने का प्रयास किया गया'
बताया गया कि जांच में यह साबित हुआ कि सुनील कुमार शुक्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ न सिर्फ निराधान रूप से आरोप सार्वजनिक रूप से प्रसारित किए गए हैं, बल्कि विभाग की छवि को बिना साक्ष्य के घूमिल करने का प्रयास किया गया. पुलिस बल में अनुशासनहीनता को बढावा दिया, अधिकारियों के प्रति अर्मायदित भाषा का प्रयोग किया और बिना अनुमति सोशल मीडिया का उपयो कर उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3, 6, 7 और 27 और उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम का उल्लंघन किया.
सोशल मीडिया के जरिए लगाए थे गंभीर आरोप
सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो अपलोड कर आरोप लगाया था कि ड्यूटी लगाने के नाम पर सिपाहियों से 2,000 रुपये तक वसूले जाते है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि यह वसूली 'चैन सिस्टम' के माध्यम से ऊपर तक पहुंचाई जाती है. वीडियो में उन्होंने आईपीएस अधिकारियों को काला अंग्रेज तक बुलाया था. सुनील के बयानों और वीडियो के वायरल होने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिया था. निष्पक्ष जांच के लिए गणना कार्यालय से एक दारोगा समेत 12 पुलिसकर्मियों को हटाया गया था.
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