- लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत
- मृतकों में कानपुर के दो दोस्त भी शामिल
- संयम और सूरजभान बिल्डिंग में डिजाइनिंग का करते थे काम
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने कानपुर के दो परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है. इस हादसे में शहर के बर्रा और गोविंद नगर इलाके के दो होनहार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। चीख-पुकार के बीच पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
पहली ह्रदयविदारक घटना बर्रा-7 की है। यहां के रहने वाले 24 वर्षीय सूरज सिंह इस हादसे का शिकार हो गए। नियति का क्रूर मजाक देखिए कि साल 2023 में सूरज के पिता शिव राम सिंह की भी कार्यस्थल पर आग की चपेट में आने से मौत हुई थी. पिता के जाने के बाद सूरज ही अपनी मां मीरा सिंह, छोटे भाई सम्राट और बहन बिट्टो का एकमात्र सहारा था. वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. सूरज की मौत ने इस बेसहारा परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है.
माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल
वहीं, दूसरी हृदयविदारक घटना गोविंद नगर की है, जहां के 28 वर्षीय संयम विज ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी. पिता सीमू देसाई और मां सोनिया विज का रो-रोकर बुरा हाल है. बड़ा भाई शुभम विज दिल्ली में नौकरी करता है. परिजनों ने रोते हुए बताया कि आज संयम के घर में उनकी दादी की तेरहवीं का संस्कार था, जिसमें शामिल होने के लिए संयम को आज ही घर लौटना था. इतना ही नहीं, घर में संयम की शादी को लेकर भी शहनाई बजने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन कफन की गूंज ने सब कुछ तबाह कर दिया.
संयम की शादी की चल रही थी बातें
उधर, गोविंद नगर का नजारा और भी ज्यादा दर्दनाक है. 28 साल का संयम विज (पिता सीमू देसाई, मां सोनिया विज) अब इस दुनिया में नहीं है. 27 जून को संयम के घर में उसकी दादी की तेरहवीं का भोज था, संयम को लखनऊ से कानपुर आना था। मां रास्ता देख रही थी, भाई शुभम दिल्ली से आ चुका था. घर में संयम के सेहरे और शादी की बातें चल रही थीं, लेकिन आई तो सिर्फ उसकी मौत की खबर. पूरे गोविंद नगर में इस समय सन्नाटा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
संयम के मामा मोनू सेठी ने बताया कि दोनों दोस्त उसी बिल्डिंग में डी डिजाइनिंग का काम करते थे. संयम 10 दिन पहले ही दादी का निधन हो जाने पर घर आया था, उसके बाद अंतिम संस्कार के बाद वह वापस काम पर चला गया था. भाई की मौत से शुभम और भाभी पलक के साथ मां सोनिया का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, सूरजभान की मौत की जानकारी परिजनों ने मां मीरा को उस समय नहीं बताया गया था.

पाइप और तारों के सहारे नीचे कूदे लोग
लखनऊ के अलीगंज इलाके में बिल्डिंग में लगी आग में 15 बच्चों की जान चली गई. आवासीय इमारत को व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल कर यहां गेमिंग जोन, पेट शॉप और दूसरी दुकानें चलाई जा रही थीं. आग की लपटों में पूरी तरह घिर चुकी इमारत से कुछ बच्चे बिल्डिंग के किनारे पाइपलाइन और लटके तारों के सहारे नीचे कूदे.

रेलिंग पर गिरा युवक, मौत
एक युवक ने आग में घिरी बिल्डिंग की खिड़की तोड़कर नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वो सीधे नीचे नुकीली रेलिंग पर गिरा. रेलिंग सीधे पेट में घुसी और ज्यादा खून बहने से उसकी जान चली गई. इमारत से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता था. उसके तीनों ओर दूसरी इमारतें बनी हुई थीं. आग बिल्डिंग के आगे के हिस्से में लगी थी. ऐसे में दहशतजदा बच्चे पीछे की ओर चले गए, लेकिन धीरे-धीरे आग और धुआं पीछे के हिस्से तक पहुंच गया. ज्यादातर बच्चों की दम घुटने से मौत हुई.
सीएम योगी के निर्देश पर SIT गठित, 7 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड प्रकरण पर देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। इस विशेष जांच दल में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
यह भी पढ़ें- लखनऊ अग्निकांड: अगर 10 साल पहले गिरा दी जाती इमारत, तो बच जाती 15 मासूम बच्चों की जान!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं