- पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने 11 अक्टूबर 2026 को मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विंध्याचल का दौरा किया
- दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल को ज्वाइन नहीं करेंगी, हालांकि राजनीति में आने की चर्चा है
- स्कूल निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने की जरूरत बताई गई, जिससे बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सके
Divya Mittal Mirzapur: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन करने विंध्याचल पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने आईएएस से इस्तीफे के बाद शुरू हुईं राजनीतिक गतिविधियों, राजा भैया से मुलाकात की चर्चाओं और स्कूल निर्माण कार्य रोके जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी. लोगों ने फूल बरसाकर दिव्या मित्तल का स्वागत किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने आईं मिर्जापुर-दिव्या मित्तल
मीडिया से बातचीत में मिर्जापुर की पूर्व डीएम दिव्या मित्तल ने कहा, "नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है. इस शुभ अवसर पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है. रविवार को उनके विंध्याचल आने का मुख्य उद्देश्य मां के दर्शन-पूजन करना ही था." राजनीति में आने और किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की चर्चाओं पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी को ज्वाइन नहीं करने जा रही हैं.
नवरात्रि में करेंगी अपने विजन की घोषणा
उन्होंने कहा कि भविष्य को लेकर उनकी सोच और विजन क्या है, इसकी सार्वजनिक घोषणा नवरात्रि के दौरान ही की जाएगी. राजा भैया से मुलाकात और उनके समर्थकों की ओर से किसी पर्चे या प्रस्ताव की चर्चा पर दिव्या मित्तल ने ऐसी किसी बातचीत या प्रस्ताव की जानकारी होने से इनकार किया. वहीं, लहुरियादह जाने की संभावना के सवाल पर उन्होंने बताया कि एक माताजी की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली है. उनका आशीर्वाद लेने के लिए जल्द ही वहां जाने की संभावना है.
स्कूल निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए
स्कूल निर्माण कार्य रोके जाने के मुद्दे पर दिव्या मित्तल ने कहा कि संबंधित क्षेत्र के लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता था. उन्होंने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल की मांग की थी. स्कूल का निर्माण बच्चों के भविष्य से जुड़ा सपना है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वन विभाग या अन्य विभागों से जुड़ी समस्याओं का आपसी समन्वय से समाधान निकालकर स्कूल निर्माण कार्य पूरा कराया जाना चाहिए.
Former IAS Divya Mittal reiterates that she will not join any party. Rubbished claims of meeting Rahul Gandhi. https://t.co/JKeTns2Ujf
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) October 11, 2026
30 अगस्त को दिया था IAS पद से इस्तीफा
बता दें कि दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को IAS की नौकरी छोड़ दी थी. 13 साल की सेवा के बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था. 29 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के जरिए दिव्या मित्तल ने जानकारी दी थी कि वह लोगों की आवाज बनने के लिए राजनीति में एंट्री लेंगी और इसकी शुरुआत अपनी कर्मभूमि उत्तर प्रदेश से करेंगी. वह उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर, देवरिया और संत कबीरनगर की डीएम रह चुकी हैं.
राजनीति में आने और किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की चर्चाओं पर उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी को ज्वाइन नहीं करने जा रही हैं. उन्होंने कहा कि भविष्य को लेकर उनकी सोच और विजन क्या है, इसकी सार्वजनिक घोषणा नवरात्रि के दौरान ही की जाएगी.
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