- श्रुति श्रीवास्तव ने 2019 में UPSC में 82वीं रैंक हासिल की. यूपी कैडर में 2020 बैच की आईपीएस हैं.
- वर्तमान में वह प्रयागराज कमिश्नरेट में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात हैं.
- दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक और JNU से अंग्रेजी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है
IPS Shruti Srivastava Success Story: भारतीय पुलिस सेवा की काबिल अधिकारियों में शुमार श्रुति श्रीवास्तव की सक्सेस स्टोरी बेहद प्रेरणादायक है. उन्होंने महज 24 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और वर्तमान में उत्तर प्रदेश कैडर में सेवाएं दे रही हैं. उत्तर प्रदेश कैडर की 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुति श्रीवास्तव का पिछले माह अपर पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी से प्रयागराज तबादला हुआ है. 19 सितंबर से वह प्रयागराज कमिश्नरेट में एडिशनल DCP के पद पर तैनात हैं.

आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव की सक्सेस स्टोरी. जेएनयू से प्रयागराज एडिशनल डीसीपी, यूपीएससी रैंक 82. Photo Credit: UP Police
IPS श्रुति श्रीवास्तव कौन हैं?
यूपी पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, श्रुति श्रीवास्तव का जन्म 3 नवंबर 1995 को हुआ था. उनके पिता का नाम संजय श्रीवास्तव है. बीएससी (अंग्रेजी) की डिग्री हासिल करने वाली श्रुति दिल्ली की रहने वाली हैं. तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आईपीएस प्रशिक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश कैडर की 73 आरआर की आईपीएस (प्रोबेशनर) श्रुति श्रीवास्तव ने योग के लिए 'गांधी ज्ञान मंदिर योग केंद्र ट्रॉफी' भी जीती थी. प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने काशी पहुंची थीं तब आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव ने उनका इंटरव्यू किया था, जो काफी वायरल हुआ था.
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IPS की ट्रेनिंंग के दौरान SVPNPA में श्रुति श्रीवास्तव ने योग के लिए 'गांधी ज्ञान मंदिर योग केंद्र ट्रॉफी' भी जीती थी. Photo Credit: SVP National Police Academy
UPSC 2019 में हासिल की थी 82वीं रैंक
श्रुति श्रीवास्तव ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2019 में अखिल भारतीय स्तर पर 82वीं रैंक हासिल की थी. इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित हुआ. आईपीएस बनने से पहले उन्होंने करीब दो वर्षों तक लोकसभा सचिवालय, दिल्ली में भी काम किया. इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी. हालांकि, उन्होंने बिना किसी कोचिंग के तैयारी की. प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने नियमित रूप से टेस्ट सीरीज दी थीं.
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आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव व अभिनेत्री रवीना टंडन.
Photo Credit: UP Police
हिंदू कॉलेज और JNU से की पढ़ाई
श्रुति श्रीवास्तव को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में तीसरे प्रयास में सफलता मिली. शुरुआती दो प्रयास उन्होंने जेएनयू में पढ़ाई के दौरान किए थे. इसके बाद उन्होंने लोकसभा सचिवालय जॉइन कर लिया. श्रुति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली से अंग्रेजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने नेट-जेआरएफ भी क्लियर किया.
कॉलेज के दिनों में सिविल सेवा में जाने का नहीं था प्लान
यूट्यूब चैनल Saket Samvad पर अपनी यूपीएससी यात्रा साझा करते हुए आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव ने बताया था कि कॉलेज के दिनों में उनका सिविल सेवा में जाने का कोई प्लान नहीं था. वह प्रोफेसर बनकर शिक्षण के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती थीं. उसी दौरान एक सीनियर ने उनसे कहा कि प्रोफेसर बनने के लिए अपेक्षाकृत अधिक संघर्ष करना पड़ेगा, जबकि वह सिविल सेवा में अच्छा कर सकती हैं. इसके बाद उन्होंने इस दिशा में गंभीरता से सोचना शुरू किया.

UPSC की तैयारी कैसे करें?
श्रुति श्रीवास्तव के अनुसार, यूपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए ऑनलाइन पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध है, जिसका सही तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए. उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों को आधार बनाकर पढ़ाई करने की सलाह दी है. इसके साथ ही अच्छी टेस्ट सीरीज और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन भी जरूरी बताया है. उनका मानना है कि अभ्यर्थियों को ऑप्शनल विषय और आंसर राइटिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, यूपीएससी में सफलता महज एक-दो महीने की तैयारी से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लंबे समय तक लगातार मेहनत करनी पड़ती है. इसलिए खुद पर भरोसा बनाए रखना और निरंतर प्रेरित रहना भी बेहद जरूरी है.
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