- MLC जीत के बाद सपा में पोस्टर राजनीति शुरू
- फर्रुखाबाद में शिवपाल समर्थकों ने लगाए अलग संदेश वाले पोस्टर
- पोस्टरों से गायब दिखे अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव (UP MLC Election) में मिली सफलता के बाद समाजवादी पार्टी जश्न में डूबी हुई है, लेकिन इसी बीच पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर नए सवाल भी खड़े हो गए हैं. फर्रुखाबाद में शिवपाल सिंह यादव समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है. इन पोस्टरों में शिवपाल यादव को सपा की जीत का प्रमुख चेहरा बताया गया है और नारा दिया गया है, 'चचा हैं तो सपा है.' खास बात यह है कि शहरभर में लगे इन पोस्टरों से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर पूरी तरह गायब है.
पोस्टरों में शिवपाल बने जीत के नायक
एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद फर्रुखाबाद में लगाए गए पोस्टरों में शिवपाल सिंह यादव को प्रमुखता से स्थान दिया गया है. पोस्टरों पर लिखा गया है, 'चचा हैं तो सपा है' और 'शिवपाल के जादू से बीजेपी का किला हुआ ध्वस्त.' इन पोस्टरों को देखने के बाद सियासी चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर जीत का श्रेय किसे दिया जा रहा है. पोस्टरों में शिवपाल यादव को पोस्टर बॉय बनाकर पेश किया गया है. बताया जा रहा है कि पोस्टरों को फर्रुखाबाद के सपा नेता राममूर्ति यादव द्वारा लगवाया गया है. पोस्टरों में जिस तरह शिवपाल यादव को केंद्र में रखा गया है, उससे यह संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है कि चुनावी सफलता में उनकी भूमिका अहम रही है.

इस तरह के होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं
Photo Credit: NDTV
ऐसा रहा चुनावी परिणाम
उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव 2026 के नतीजों पर नजर डालें तो भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा. 11 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने अपनी छह सीटें बचाने में सफलता हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज कर मजबूत प्रदर्शन किया.
सभी 11 सीटों के परिणाम घोषित होने के बाद साफ हो गया कि इस बार किसी निर्दलीय उम्मीदवार को जीत नहीं मिली, जबकि पिछली बार दो निर्दलीयों ने जीत दर्ज की थी. 11 में से 10 सीटों पर मौजूदा एमएलसी अपनी सीट बचाने में सफल रहे, लेकिन लखनऊ स्नातक सीट भाजपा के हाथ से निकल गई.
अखिलेश की तस्वीर गायब होने पर रानीतिक गलियारों में चर्चा तेज
पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर नजर नहीं आ रही है. ये ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी है. इसलिए इसे पार्टी के भीतर शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है.
MLC जीत के बाद अखिलेश का बयान
अखिलेश यादव ने वाराणसी में भाजपा की हार को 'डबल इंजन की डबल हार' बताया और इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत करार दिया. उन्होंने कहा कि यह भाजपा की नीतियों के खिलाफ शिक्षकों और स्नातकों का फैसला है. यादव ने कहा कि भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी और अपमानित' किया है, उससे सभी उत्पीड़ित वर्ग एकजुट हो गए हैं.
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