Basti SHO Surya Prakash Singh Suicide Case: हनीट्रैप का खेल कितना खतरनाक है, इसका एक उदाहरण यूपी के बस्ती से सामने आया है. यहां वाल्टरगंज थाने के दरोगा सूर्य प्रकाश सिंह ने बीते दिनों फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. अब जांच के बाद पुलिस ने इस मामले का राज खोला, जिसे जानकर हर कोई हैरान रह गए. पुलिस ने बताया कि वाल्टरगंज के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह असल में हनीट्रैप का शिकार हो गए थे. प्रियंका चौधरी नाम की एक महिला उन्हें वीडियो कॉल और चैट के जरिए ब्लैकमेल करती थी. पहले उसने थानाध्यक्ष से करीबी रिश्ते बनाए और बाद में ब्लैकमेल करने लगी. ऐसे में शुरुआत में वह उसकी डिमांड पूरी करते रहे. लेकिन जब प्रियंका की डिमांड लगातार बढ़ती गई तो उन्होंने मौत को गले लगा लिया.
इस पूरे मामले में बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि प्रियंका की इस हनीट्रैप की चाल में उसके पिता रामनयन चौधरी भी शामिल थे. दोनों बाप-बेटी मिलकर पहले भी कई लोगों को हनीट्रैप का शिकार बना लाखों रुपए ऐठ चुके थे.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब

बस्ती पुलिस की गिरफ्त में ब्लैकमेल की आरोपी प्रियंका चौधरी.
Photo Credit: NDTV
प्रियंका, उसके पिता और एक वकील को पुलिस ने किया गिरफ्तार
दरअसल रविवार को बस्ती पुलिस ने दरोगा सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले का खुलासा करते हुए एक बड़े और शातिर हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट को संचालित करने वाली मुख्य आरोपी महिला प्रियंका, उसके पिता रामनयन चौधरी और गिरोह के कानूनी सलाहकार बने वकील विजय प्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पुलिस ने सदर अस्पताल चौराहे के पास से तीनों आरोपियों को दबोचा. इनके पास से अपराध में इस्तेमाल की जाने वाली एक बोलेरो गाड़ी (UP51BN 5805) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
वकील की धमकी के बाद दरोगा ने लगाई थी फांसी
खुलासे के बारे में पुलिस ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के गहन विश्लेषण से यह पुख्ता हुआ है कि थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह लगातार इस गिरोह के निशाने पर थे. घटना वाले दिन यानी 29 अगस्त 2026 को आरोपी वकील विजय प्रकाश ने ही दोपहर 1:41 बजे थानाध्यक्ष को अंतिम कॉल की थी. लगातार दी जा रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार थानाध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फंदा लगा लिया.
10 साल से पति से अलग, मुंबई में स्पा में काम करती थी प्रियंका
पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी (उम्र 32 वर्ष) पिछले 10 सालों से अपने पति से अलग रह रही थी और मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटरों में काम करती थी. वह संपन्न और रसूखदार व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाती थी. ब्लैकमेल करने के लिए महिला वीडियो कॉल पर ही अपने हाथ की नस काटकर खून बहाने का नाटक करती थी, जिससे शिकार भावनात्मक रूप से बुरी तरह डर जाता था.
इस घिनौने खेल में प्रियंका का पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव बराबर के हिस्सेदार थे. कानूनी दांव-पेच से डराने और वसूली की पूरी योजना वकील विजय प्रकाश तैयार करता था.

मामले का खुलासा करते डीआईजी संजीव त्यागी और गिरफ्तार तीनों आरोपी.
Photo Credit: NDTV
डॉक्टर, एमपी के कारोबारी सहित कई से ऐठ चुके थे पैसे
जांच में अब तक गिरोह द्वारा लाखों रुपये की धनउगाही का ब्यौरा मिला है, जिसमें अपने ही मकान मालिक डॉक्टर उमेश को जाल में फंसाकर ₹4 लाख ऐंठे. ड्राइवर अहमद रज़ा से ₹5 लाख की उगाही की. मध्य प्रदेश के रहने वाले व्यापारी आर्यन दीक्षित को जाल में फंसाकर ₹15 लाख की बड़ी रकम वसूली. आखिरी शिकार वाल्टरगंज के थाना प्रभारी बने, एसएचओ सूर्य प्रकाश सिंह को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उन्होंने तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.
थानेदार के बेटे ने दर्ज करवाई थी प्राथमिकी
मामले में मृतक के पुत्र संदीप सिंह की ओर से 5 सितंबर को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली बस्ती में मु0अ0सं0 387/2026, धारा 108 व 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया.
डीआईजी बोले- दर्जनों अन्य लोगों के संबंध में भी जांच जारी
बस्ती मंडल के डीआईजी संजीव त्यागी का कहना है कि इस गिरोह के शिकार बने दर्जनों अन्य लोगों के संबंध में भी जांच तेजी से चल रही है. पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है. दरोगा सूर्यप्रकाश के मामले में जो तथ्य सामने आए उस के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही किया है.अभी तक ब्लैक मेलिंग के आरोपों की पुष्टि हुई है जिससे परेशान होकर सूर्यप्रकाश ने आत्महत्या किया. फिलहाल सभी आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है.
यह भी पढ़ें - दोस्ती, नशीली शराब और ब्लैकमेलिंग; रायपुर में हनीट्रैप का खुलासा, 54 वर्षीय व्यक्ति से 2.17 लाख की उगाही
(बस्ती से संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं