NDTV Defence Summit 2026: NDTV डिफेंस समिट 2026 का थीम है- 'इंडियाज न्यू डिफेंस एज' (भारत की नई रक्षा क्षमता). ये NDTV का एक खास मंच है, जिसमें भारत के रक्षा क्षेत्र के नीति-निर्माताओं, सैन्य नेतृत्व, रक्षा उद्योग के दिग्गजों और रणनीतिक विशेषज्ञ शिरकत करते हैं. इस साल का समिट भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर केंद्रित था. इसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' से मिले ऑपरेशनल सबक से लेकर AI, ड्रोन, अंतरिक्ष क्षमताओं और ऑटोनॉमस सिस्टम (खुद काम करने वाले सिस्टम) को तेजी से अपनाने तक, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और रक्षा निर्माण में मजबूत 'आत्मनिर्भरता' से लेकर नई ग्लोबल पार्टनरशिप और टेक्नोलॉजी अलायंस तक के विषयों पर चर्चा हुई.
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कश्मीर घाटी में हालात स्थिर हैं- चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ
पाकिस्तान बॉर्डर पर आतंकवाद-विरोधी कोशिशों और सुरक्षा तैयारियों की बात करते हुए चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर में स्थिरता लाने का श्रेय कई एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को दिया.
जनरल सुब्रमणि ने कहा, "कश्मीर घाटी में सुरक्षा की स्थिर स्थिति सरकार के सभी विभागों के मिलकर काम करने और सेना, पुलिस, CAPF और इंटेलिजेंस एजेंसियों के बीच मज़बूत तालमेल का नतीजा है." उन्होंने दोहराया कि सेना अपनी सतर्कता में कोई कमी नहीं आने देगी और किसी भी गलत हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
$30,000 के ड्रोन का मुकाबला $1 मिलियन की मिसाइल से नहीं किया जा सकता- सीडीएस
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कम लागत वाली 'एट्रिशन वॉरफेयर' (दुश्मन को धीरे-धीरे कमजोर करने वाली लड़ाई) का मुकाबला करने के लिए हाइब्रिड डिफेंस सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया.
चीफ ऑफ डिफेंस ने कहा, "युद्ध का अर्थशास्त्र बदल गया है क्योंकि सस्ती तकनीक अब गैर-सरकारी और छोटे समूहों तक भी पहुंच गई है. $30,000 के ड्रोन का मुकाबला $1 मिलियन की एयर डिफेंस मिसाइल से करना समझदारी नहीं है." उन्होंने हाई-एंड प्लेटफॉर्म के साथ-साथ हार्ड-किल और सॉफ्ट-किल काउंटर-ड्रोन सिस्टम के मिले-जुले और कई स्तरों वाले सिस्टम की वकालत की.
"कहीं कोई जगह सुरक्षित नहीं"- युद्ध के बदलते स्वरूप पर सीडीएस
चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल NS राजा सुब्रमणि ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे लंबी दूरी के सटीक हमलों (long-range precision strikes) ने युद्ध के दायरे को बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्रों में एडवांस्ड सेंसर और फ़ोर्स प्रोटेक्शन (अपनी सेना की सुरक्षा) दोनों की ज़रूरत है.
चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल सुब्रमणि ने कहा, "टकराव का दायरा अब सिर्फ़ मोर्चे (front) तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पीछे के इलाकों और पूरी गहराई तक फैल गया है. अब कहीं भी कोई जगह सुरक्षित नहीं है." उन्होंने आगे कहा, "अगर लगातार निगरानी (persistent sensing) के कारण आप युद्धक्षेत्र में दिख जाते हैं, तो आपकी स्थिति का पता चल जाएगा, आप पर हमला होगा और आपकी जान जा सकती है. इसी वजह से फ़ोर्स प्रोटेक्शन, काउंटर-UAS और इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम बहुत ज़रूरी हो गए हैं."
चीन सीमा पर हालात स्थिर हैं- चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़
लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सुरक्षा हालात को लेकर चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ जनरल NS राजा सुब्रमणि ने कहा कि ज़मीनी स्तर पर बातचीत और सैन्य तंत्र सक्रिय हैं. उन्होंने कहा, "सीमा पर हालात अभी काफ़ी स्थिर हैं और मुझे नहीं लगता कि चिंता की कोई बात है. सीमा पर तैनात कर्मियों की बैठकें समय-समय पर हो रही हैं और ज़मीनी स्तर पर संपर्क बना हुआ है."
क्षेत्रीय समझौतों पर नज़र रखी जा रही है- मक्का समझौते पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ
उभरते क्षेत्रीय रक्षा समझौतों और कई मोर्चों पर सुरक्षा से जुड़े संभावित बदलावों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि भारत क्षेत्रीय साझेदारियों को बनाए रखते हुए अपनी आंतरिक रक्षा क्षमता (डिटरेंस) को मजबूत करना जारी रखेगा.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल सुब्रमणि ने कहा, "गठबंधन आपसी हितों के आधार पर बनते हैं, लेकिन तनाव के समय और हितों के टकराव की स्थिति में भी उन्हें कायम रहना चाहिए." उन्होंने आगे कहा, "हम दूसरे देशों को यह नहीं बता सकते कि उन्हें क्या करना चाहिए, लेकिन हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारी सेना के पास हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन और रक्षा क्षमता मौजूद हो."
AI आज युद्ध के मैदान को हर तरह से बदलने वाला है- चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ NS राजा सुब्रमणि ने कहा, "AI आज युद्ध के मैदान को हर तरह से बदलने वाला है. चाहे वह प्लानिंग हो, लॉजिस्टिक्स हो, फैसले लेने में मदद हो या इंटेलिजेंस हो."
राफेल डील से भारत में फाइटर जेट की दूसरी प्रोडक्शन लाइन बनेगी- डिफेंस सेक्रेटरी
डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा, "राफेल एक भरोसेमंद एयरक्राफ्ट है... फ्रांस हमारी इस शर्त पर सहमत हो गया है कि वे इसे भारत में काफी हद तक स्वदेशीकरण (indigenisation) के साथ बनाएंगे. इससे हमें देश में फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए दूसरी प्रोडक्शन लाइन बनाने में मदद मिलेगी, और इसीलिए हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं."
NDTV Defence Summit LIVE: PM मोदी की शांति की अपील यूरोप के लिए भी होनी चाहिए: रूसी राजदूत
एनडीटीवी डिफेंस समिट में राजदूत अलीपोव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शांति की अपील यूरोप के लोगों से भी की जानी चाहिए, क्योंकि वे ही सबसे ज़्यादा आक्रामक रहे हैं. वे रूस को बाहर रखकर एक सुरक्षा घेरा बनाने की कोशिश करते हैं, जो बेतुका है. अगर रूस असुरक्षित है, तो यूरोप कभी सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, और अगर यूरोप असुरक्षित है तो रूस भी कभी सुरक्षित महसूस नहीं करेगा."
NDTV Defence Summit 2026 LIVE: भारत के साथ 80 साल के रिश्तों पर रूसी राजदूत
भारत और रूस के बीच राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ से पहले, रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों का उनके रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा, "बीते दशकों में हम ऐसे दोस्त रहे हैं जो एक-दूसरे के लिए भरोसेमंद साझेदार हैं, ये दोनों ओर से देखने को मिला है. हमने कभी भी अपने रिश्तों को किसी तात्कालिक वैश्विक स्थिति पर निर्भर नहीं माना और न ही अपने रिश्ते को 'जीरो-सम गेम' (एक की जीत, दूसरे की हार वाला खेल) के तौर पर देखा."

आप भरोसेमंद न होने वाले पार्टनर के साथ बिज़नेस नहीं करते: भारत से संबंधों पर रूसी राजदूत
भारत में रूस के राजदूत अलीपोव ने कहा, "भरोसा और सम्मान ही हमारे रिश्तों की पहचान है. आप भरोसेमंद न होने वाले पार्टनर के साथ बिजनेस नहीं करते." उन्होंने बताया कि सोवियत दौर और भारत की आजादी के समय से ही भारत और रूस भरोसेमंद और आपसी पार्टनर रहे हैं.
समुद्र में होने वाली गड़बड़ी का पड़ता है अर्थव्यवस्था पर सीध प्रभाव: नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने चेतावनी दी कि नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था काफी कमजोर हो गई है. उन्होंने कहा, "आर्थिक रूप से आपस में जुड़ी दुनिया में संघर्ष से दूरी हमें उसके नतीजों से अलग नहीं रखती. दूर के समुद्र में होने वाली गड़बड़ी आखिरकार हमारे तटों, हमारे घरों, हमारे उद्योगों और हमारी अर्थव्यवस्था तक पहुंचती है." उन्होंने यह भी कहा कि AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और ऑटोनॉमस सिस्टम तेजी से नौसैनिक युद्ध के भविष्य के स्वरूप को बदल रहे हैं.
NDTV Defence Summit 2026 LIVE: नेवी चीफ ने किया भारत के 5,000 साल पुराने समुद्री इतिहास का जिक्र, बोले- भारत सिर्फ जमीनी देश नहीं
नेवी प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने NDTV डिफेंस समिट 2026 में इस बात पर जोर दिया कि भारत को सिर्फ समुद्र तट वाले जमीनी हिस्से के तौर पर देखना गलत होगा. एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, "समुद्र तट तो बस एक भौगोलिक विशेषता है, जबकि भारत एक समुद्री देश है, जो अपने आप में एक आर्थिक, सांस्कृतिक, भू-राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक अवधारणा है." उन्होंने प्राचीन लोथल ड्राई डॉक से लेकर आधुनिक व्यापार नेटवर्क तक फैले भारत के 5,000 साल पुराने समुद्री इतिहास का जिक्र किया.
फ्रांस की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्यों दिलचस्पी? फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ ने बताई वजह
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में फ्रांस की दिलचस्पी पर फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ ने NDTV डिफेंस समिट में कहा, "भले ही फ्रांस, भारत से बहुत दूर है, फिर भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हमारा बड़ा राष्ट्रीय हित है, क्योंकि अलग-अलग महासागरों में हमारे क्षेत्र हैं. जैसे ला रियूनियन द्वीप (जो मेडागास्कर से बहुत दूर नहीं है). प्रशांत क्षेत्र में भी हमारे कुछ फ्रांसीसी क्षेत्र हैं- न्यू कैलेडोनिया, वालिस और फुतुना, और फ्रेंच पोलिनेशिया. इंडो-पैसिफिक में हमारी बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए हम इस बहुत बड़े क्षेत्र में रक्षा, सुरक्षा और रणनीति से जुड़ी सभी बातों पर ध्यान देते हैं."
NDTV डिफेंस समिट 2026 LIVE: ट्रंप प्रशासन की रणनीति सभी के लिए सबक
पूर्व डिप्टी NSA पंकज सरन ने कहा, "ट्रंप प्रशासन दिखा रहा है कि रणनीतिक स्वायत्तता का क्या मतलब है? अमेरिका अपनी राष्ट्रीय जरूरतों और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अकेले आगे बढ़ रहा है. इसलिए, यह हम सभी के लिए एक सबक है."
NDTV Defence Summit LIVE: "एक देश के तौर पर हम पहले से ही एक अलग दुनिया में हैं...", पूर्व डिप्टी NSA पंकज सरन
पूर्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पंकज सरन ने NDTV डिफेंस समिट में कहा कि अभी दुनिया में धीरे-धीरे होने वाले बदलाव नहीं, बल्कि बहुत बड़ा बदलाव (क्वांटम शिफ्ट) हो रहा है. उन्होंने कहा, "एक देश के तौर पर हम जितनी जल्दी यह समझ लेंगे कि हम पहले से ही एक अलग दुनिया में हैं, उतना ही हमारे लिए अच्छा होगा. और यह नई दुनिया क्या है? यह एक ऐसी दुनिया है जिसमें अमेरिका की एक खास रणनीतिक सोच है, जो ट्रंप के बाद भी बनी रहेगी. जैसा कि मैंने कहा- उन्होंने अकेले चलने का रास्ता चुना है. ट्रंप ने तय किया है कि वह चीन के साथ बातचीत करेंगे और देखेंगे कि रिश्तों को कैसे स्थिर किया जा सकता है. वह रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति समझौता कराने की कोशिशों में बहुत ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं. जब ऐसी स्थिति हो कि अमेरिका व्हाइट हाउस के स्तर पर चीन और रूस से करीबी बातचीत कर रहा हो, तो आप समझ सकते हैं कि एक अलग तरह की दुनिया बन रही है, जो अमेरिका, चीन और रूस के आपसी संबंधों से तय होगी."
सरन ने आगे कहा, "इस नई दुनिया में चीन या रूस से बातचीत न करना हमारी बहुत छोटी सोच होगी. यहीं पर भारत की कूटनीतिक कुशलता और भारत की असली ताकत दिखेगी, क्योंकि हम भी इसी दुनिया का हिस्सा हैं."

NDTV Defence Summit 2026 LIVE: "हमारा फोकस टारगेटिंग सिस्टम को बदलने पर है": टोनबो इमेजिंग के CEO
टोनबो इमेजिंग के MD और CEO अरविंद लक्ष्मिकुमार ने कहा कि अभी उनका फोकस टारगेटिंग और उससे जुड़े सब-सिस्टम को पूरी तरह से बदलने पर है. उन्होंने कहा, "हमारा फोकस यह रहा है कि अगर आप नए जमाने के बैटलफील्ड एंड-सिस्टम बनाना चाहते हैं, तो उससे जुड़े सब-सिस्टम, इमेजिंग सिस्टम, कंप्यूटर विजन सिस्टम, टारगेटिंग सिस्टम और इस्तेमाल होने वाले सिस्टम को पूरी तरह से बदलना होगा."
लक्ष्मिकुमार ने आगे कहा, "बदलाव का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा सिस्टम की लागत कैसे कम की जाए? बल्कि यह है कि उन्हें पूरी तरह से नए सिरे से कैसे सोचा जाए? हमारा फोकस इस बात पर है कि ऑप्टिक्स को कैसे बदला जाए? इमेजर को कैसे बदला जाए? किस तरह के एम्बेडेड कंप्यूटर विजन की जरूरत है? साइज, वजन, पावर और लागत यहां कैसे अहम भूमिका निभाते हैं? क्योंकि आखिरकार, अगर आप उन्हें नहीं बदलते हैं, तो एंड-सिस्टम को बदलने का कोई मतलब नहीं है."

NDTV Defence Summit LIVE: 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद ड्रोन इंडस्ट्री में आया असाधारण बदलाव : IG डिफेंस के CEO बोधिसत्व संघप्रिया
IG डिफेंस के फाउंडर और CEO बोधिसत्व संघप्रिया ने NDTV को बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत की ड्रोन इंडस्ट्री में जो बदलाव आया है, वह "असाधारण" है. उन्होंने कहा, "हमारे सभी प्रोडक्ट्स और ड्रोन पूरी तरह से आक्रामक (ऑफेंसिव) कैटेगरी के प्रोडक्ट्स में बदल गए. भारत में इंजीनियरों, स्टार्टअप्स और डिफेंस सेक्टर में कुछ बेहतरीन करने के लिए जरूरी कैपिटल (पूंजी) की कोई कमी नहीं है. हमारे यहां जिस चीज की कमी है, वह है काम को तेजी से पूरा करने और इनोवेशन की रफ्तार, और इसीलिए आज ड्रोन वॉरफेयर (ड्रोन से युद्ध) की इतनी चर्चा हो रही है." संघप्रिया ने आगे कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने छोटे टैक्टिकल ड्रोन और छोटे कामिकेज ड्रोन पर ज्यादा ध्यान दिया था, लेकिन युद्ध का तरीका बदल गया है. अमेरिका-ईरान और रूस-यूक्रेन संघर्ष से हमने यह सीखा है कि हमें ऐसे ड्रोन की जरूरत है जो दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर हमला कर सकें (डीप पेनिट्रेशन और डीप स्ट्राइक ड्रोन)."

6th जेनरेशन वॉरफेयर के लिए कैसे करें तैयारी... वायुसेना के डिप्टी चीफ तेजपाल सिंह ने बताया
वायुसेना के डिप्टी चीफ तेजपाल सिंह ने NDTV को बताया कि भले ही भारत एयरक्राफ्ट की जनरेशन में सीधे बड़ी छलांग न लगा पाए, लेकिन उसे कॉम्बैट आर्किटेक्चर (लड़ाई की प्रणाली) की जनरेशन में जरूर छलांग लगाने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, "...हमारा लक्ष्य यही होना चाहिए. हम ऑटोनॉमी (स्वायत्तता), डिस्ट्रिब्यूटेड सेंसिंग, मजबूत कम्युनिकेशन और ओपन मिशन सिस्टम बनाकर शुरुआत कर सकते हैं, ताकि जब 6th जेनरेशन वॉरफेयर (छठी पीढ़ी की युद्ध-प्रणाली) वाले एयरक्राफ्ट असल में आएं, तब तक हम तैयार हों."

5वीं पीढ़ी और उसके आगे कैसे बढ़ा जाए... वायुसेना के डिप्टी चीफ तेजपाल सिंह
वायुसेना के डिप्टी चीफ तेजपाल सिंह 'फिफ्थ जेनरेशन' और उससे आगे की क्षमताओं पर बात करते हुए एनडीटीवी के डिफेंस समिट में कहा कि हमें भविष्य की चुनौतियों के लिए जमकर तैयारी करनी होगी. उन्होंने कहा, "पांचवीं पीढ़ी और बैटल्सपेस की अगली पीढ़ी में बदलाव से पहले, तुरंत जरूरी ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करना जरूरी है. इसलिए, हम आज नई क्षमताएं हासिल करना नहीं रोक सकते, सिर्फ इसलिए कि हम 20 साल बाद आने वाली उस आदर्श भविष्य की सेना का इंतजार कर रहे हैं. असल में हमारी चुनौतियां और भी मुश्किल हैं. सबसे पहले, हमें यह पता लगाना होगा कि हमारे पास क्या है, जिनकी तुरंत जरूरत है, उन्हें शामिल करना होगा, और साथ ही आगे आने वाली चीजों के लिए ढांचा भी तैयार करना होगा और इसी तरह हमें पांचवीं पीढ़ी और उससे आगे के बारे में अपनी सोच बनानी चाहिए."

Defence Summit 2026 LIVE: "आधुनिक सूट के जरिए सैनिकों को दी गई कनेक्टिविटी अहम बदलाव": SMPP CEO
SMPP लिमिटेड के CEO आशीष कंसल ने NDTV को बताया कि बदलाव लाने वाले अहम कारकों में से एक है वो कनेक्टिविटी जो हम अपने आधुनिक सूट के जरिए सैनिकों को दे पाए हैं. उन्होंने कहा, "वे आपस में जुड़े रहते हैं, वायर्ड होते हैं और उन्हें पता होता है कि दूसरा क्या देख रहा है. अब आप सिर्फ अपनी दो आंखों से नहीं, बल्कि कई आंखों से देख रहे होते हैं - न सिर्फ जमीन पर, बल्कि हवा में भी. इससे उन्हें अपने आस-पास हो रही गतिविधियों के बारे में कहीं ज्यादा जानकारी मिलती है."

India Defence LIVE: 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत को क्या सबक दिया...' DRDO के पूर्व चेयरमैन ने बताया
DRDO के पूर्व चेयरमैन और रक्षा विभाग में R&D के सेक्रेटरी डॉ. समीर वी. कामत ने NDTV डिफेंस समिट में कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत को 'आत्मनिर्भर' क्षमताएं विकसित करने का सबक दिया है. उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर हम सभी के लिए सीखने का एक अच्छा अनुभव था. हालांकि, यह बहुत कम समय का संघर्ष था, लेकिन इसने हमें सिखाया है कि हमें आत्मनिर्भर क्षमताएं हासिल करनी होंगी. ये क्षमताएं साइबर सिक्योरिटी, इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर, स्पेस क्षमताओं और बड़ी संख्या में ड्रोन व मिसाइल बनाने जैसे उभरते क्षेत्रों में होनी चाहिए. साथ ही, जब दुश्मन कोई समाधान या काट (काउंटर) लेकर आए, तो उनमें बदलाव करने और नई तकनीक विकसित करने की क्षमता भी होनी चाहिए. यह तभी हो सकता है जब आप 'पूरे देश' को साथ लेकर चलने वाला अप्रोच अपनाएं."
🔴Watch #LIVE | #NDTVDefenceSummit2026 - Inside India’s evolving defence edge: Lessons from Operation Sindoor, and the race to harness AI, drones, space capabilities and autonomous systems#NDTVDefenceSummithttps://t.co/QfioLqGvvh
— NDTV (@ndtv) September 27, 2026
NDTV Defence Summit LIVE: क्या है रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मतलब... आर्मी चीफ धीरज सेठ ने बताया
आर्मी चीफ धीरज सेठ ने NDTV को बताया कि 'आत्मनिर्भरता' का मतलब होना चाहिए- भारत में डिजाइन किया गया, भारत में विकसित किया गया, भारत में बनाया गया, भारत में बनाए रखा गया, भारत में अपग्रेड किया गया और दुनिया के लिए भी बनाया गया. उन्होंने कहा, "जब हम दुनिया के लिए चीजें बनाते हैं, तो हम लंबी लड़ाई के दौरान खुद को बनाए रखने की क्षमता विकसित करते हैं. आखिरकार, शांति के समय में एक्सपोर्ट की क्षमता ही युद्ध के समय में जरूरत पड़ने पर तेज़ी से उत्पादन बढ़ाने की क्षमता (सर्ज कैपेसिटी) बनती है."
India Defence LIVE:जमीन पर जीत ही युद्ध में जीता का एकमात्र पैमाना... आर्मी चीफ धीरज सेठ
आर्मी चीफ धीरज सेठ ने NDTV के खास डिफेंस समिट में कहा कि भविष्य में युद्ध का मतलब पुराने हथियारों को बदलना नहीं, बल्कि उन्हें नई टेक्नोलॉजी से अपग्रेड करना होगा. जमीन पर जीत ही युद्ध के इलाके का 'एकमात्र निर्विवाद पैमाना' है. उन्होंने कहा, "एक सच्चाई जो कभी नहीं बदलती, सफलता के लिए जमीन हमेशा एकमात्र ठोस और उपयोगी कारक रहेगी. जीत को हमेशा इलाके के संदर्भ में मापा गया है, मापा जाता है और मापा जाएगा. और उस इलाके पर कब्जा, उसे सुरक्षित और उसकी रक्षा केवल सेना ही करेगी."
Defence Summit 2026 LIVE: टेक्नोलॉजी का होना तो बस शुरुआत भर... आर्मी चीफ धीरज सेठ
आर्मी स्टाफ के प्रमुख धीरज सेठ ने कहा कि आज के समय में टेक्नोलॉजी सिर्फ कुछ ही लोगों तक सीमित नहीं रह गई है. उन्होंने कहा, "जो टेक्नोलॉजी हमारे पास है, वह हमारे दुश्मन के पास भी हो सकती है. टेक्नोलॉजी का होना तो बस शुरुआत भर है. असली फायदा इस बात में है कि हम कितनी तेजी से नई चीजें बना सकते हैं, हालात के हिसाब से ढल सकते हैं और दुश्मन की चालों का मुकाबला करने के तरीके खोज सकते हैं."
युद्ध का नतीजा बदलती हैं कौन सी तीन चीजें... NDTV डिफेंस समिट में आर्मी चीफ धीरज सेठ ने बताया
आर्मी चीफ धीरज सेठ ने कहा कि जो तकनीक हमारे पास है, वह हमारे प्रतिद्वंद्वी के पास भी हो सकती है. तकनीक की उपलब्धता होना तो बस एक शुरुआत है. युद्ध में असली बढ़त तीन चीजों से होती है. पहला यह कि हम कैसे नई चीजों की ओर बढ़ते हैं, उन्हें अमल में लाते हैं और फिर दुश्मन के पास जो रणनीति है, कैसे उसकी काट करते हैं.

Defence Summit 2026 LIVE: टेक्नोलॉजी और आधुनिक सैन्य रणनीति ने बदला युद्ध का स्वरूप: सेना प्रमुख धीरज सेठ
NDTV डिफेंस समिट में सेना प्रमुख धीरज सेठ ने कहा कि टेक्नोलॉजी और आधुनिक सैन्य रणनीति की वजह से "रुक-रुककर होने वाले युद्ध" (wars with pause) हो रहे हैं. उन्होंने कहा, "टेक्नोलॉजी निश्चित रूप से लड़ाइयों को छोटा कर रही है, लेकिन जरूरी नहीं कि यह पूरे युद्ध को भी छोटा करे. इसलिए, इस दौर के युद्धों को सबसे बेहतर तरीके से 'रुक-रुककर होने वाले युद्ध' कहा जा सकता है. असल में, 'विराम' (pause) सैन्य रणनीति का हिस्सा बन रहा है. यह विराम संघर्ष पर हावी होने का संकेत नहीं है, बल्कि सिर्फ संघर्ष की तीव्रता और उसके रूप में बदलाव को दिखाता है."

"भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हमले के लिए तैयार": पाकिस्तान को राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को एक बड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हमले के लिए तैयार रहेगा. उन्होंने कहा, "भारत शांति में विश्वास करता है, युद्ध नहीं चाहता. भारत किसी और की जमीन पर कब्जा नहीं करना चाहता, न ही किसी को धमकाना चाहता है. लेकिन खामोशी और कमजोरी में फर्क होता हैण् भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा.. जब तक हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा, हम आतंकवादियों के खिलाफ किसी भी हमले के लिए तैयार रहेंगे - हम उन्हें और दुनिया को यह बताना चाहते हैं."
NDTV Defence Summit LIVE: राजनाथ सिंह ने भारत के आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया
NDTV डिफेंस समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर बनने की बात कही. उन्होंने कहा, "चिप्स से लेकर जहाज़ों तक, स्क्रू से लेकर पूरे हथियार सिस्टम तक, भारत को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना चाहिए. 'मेड इन इंडिया' सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग लेबल नहीं है. 'मेड इन इंडिया' अब 'ट्रस्ट इंडिया' (भारत पर भरोसा) में बदल रहा है."
#NDTVExclusive | 'भारत का उद्देश्य सिर्फ भारत हित में ही नहीं है सारे विश्व के हित में है'-INDTV डिफेंस समिट में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह#NDTVDefenceSummit2026 | #RajnathSingh pic.twitter.com/CIzSna7hqb
— NDTV India (@ndtvindia) September 27, 2026
Defence Summit 2026 LIVE: "शांति के समय जिनता ज्यादा पसीना, युद्ध के समय उतना कम खून", राजनाथ सिंह
एनडीटीवी डिफेंस समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाई गई है. अगर आप शांति चाहते हैं, तो शांति के लिए तैयारी करें. यह एक अंग्रेजी कहावत है. एक और कहावत है: शांति के समय आप जितना ज्यादा पसीना बहाएंगे, युद्ध में उतना ही कम खून बहेगा. हमने इन दोनों बातों को ध्यान में रखा है और युद्ध की तैयारी की है. आज का सैनिक सिर्फ एक सैनिक नहीं है, वे मल्टी-डोमेन माहौल में काम करते हैं."

Defence Summit 2026 LIVE: स्क्रू से लेकर मिसाइल तक भारत सब बना रहा... NDTV डिफेंस समिट में राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का डिफेंस सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है. हम फोकस भविष्य की ओर है. हम आज स्क्रू से लेकर मिसाइल तक सब बना रहे हैं. हमारी कोशिश हर उस हथियार का निर्माण भारत में करने की है, जिसका इस्तेमाल हम कर रहे हैं. ऐसे में हम रक्षा बजट में भी लगातार इजाफा कर रहे हैं, आंकड़े इस बात के गवाह हैं.
NDTV Defence Summit LIVE:: राजनाथ सिंह ने कहा, "हम आत्मनिर्भर हैं और भविष्य पर ध्यान दे रहे हैं"
NDTV डिफेंस समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम सिर्फ मौजूदा जरूरतों तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने कहा, "हम 'आत्मनिर्भर' हैं और भविष्य की ओर देख रहे हैं. हमने बड़े और संरचनात्मक सुधार किए हैं. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बहुत बढ़ावा मिला है. हम कई देशों को हथियार सप्लाई कर रहे हैं. दूसरे देशों का विश्वास भारत पर पिछले कुछ देशों में बढ़ा है."
Defence Summit 2026 LIVE:: राजनाथ सिंह ने कहा, "दुनिया के हालात तेजी से बदल रहे हैं, युद्ध अब सिर्फ सिमा पर नहीं"
NDTV डिफेंस समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया के हालात अभी तेजी से बदल रहे हैं. हम 5th जनरेशन के वारफेयर में हैं. अब युद्ध सिर्फ सीमा पर नहीं लड़ा जा रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने युद्ध का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है. इसके अनुसार ही भारत भी अपनी रक्षा जरूरतों में बदला कर रहा है.
India Defence LIVE: AI ने पूरे डिफेंस सेक्टर का स्वरूप बदल दिया- राजनाथ सिंह
एनडीटीवी डिफेंस समिट में राजनाथ सिंह ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत के रक्षा क्षेत्र की क्षमता काफी बढ़ी है. इधर, युद्ध लड़ने के तरीकों में भी बदलाव आया है. आज हम 5th जनरेशन के वॉर जान में हैं. AI ने पूरे डिफेंस सेक्टर का स्वरूप बदल दिया है.
NDTV Defence Summit LIVE: राजनाथ सिंह पहुंचे, NDTV डिफेंस समिट जल्द ही होने वाला है शुरू
NDTV डिफेंस समिट 2026 - 'इंडियाज़ न्यू डिफेंस एज' (India's New Defence Edge), जो NDTV का खास और हाई-लेवल डिफेंस फोरम है, एक नए एडिशन के साथ फिर से आ रहा है. एक दिन चलने वाला यह सम्मेलन जल्द ही शुरू होगा और इसमें डिफेंस के सीनियर अधिकारी, मिलिट्री ऑफिसर और इंडस्ट्री के लीडर्स एक साथ शामिल होंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ समिट के लिए पहुंच चुके हैं.