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लाचार मां को अकेला छोड़ नहीं भागा बेटा, नोएडा बस हादसे में दोनों जिंदा जले, रुला देगी यह कहानी

नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में एक मां बेटे की भी जलकर मौत हुई है. खास बात यह है कि बेटे के पास बस से उतरने का मौका था, लेकिन वह अपनी मां को छोड़कर नीचे नहीं उतरा, जिससे दोनों की जलने से मौत हो गई.

लाचार मां को अकेला छोड़ नहीं भागा बेटा, नोएडा बस हादसे में दोनों जिंदा जले, रुला देगी यह कहानी
नोएडा बस हादसे में मां बेटे की जलने से मौत
  • नोएडा बस हादसे में महोबा के मां बेटे की भी जिंदा जलने से मौत हुई है.
  • मां के पैर में दर्द होने की वजह से बेटा उन्हें छोड़कर बस से नीचे नहीं उतरा.
  • ऐसे में दोनों आग की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई.

नोएडा में हुए भीषण बस अग्निकांड में 9 लोगो की मौत हुई है. इस घटना में एक मां-बेटे की भी जलने से मौत हो गई. मां बेटे की पहचान महोबा जनपद के चरखारी निवासी बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनके बेटे शशांक गुप्ता के रूप में हुई है. शशांक इंडिगो एयरवेज में इंजीनियर था. दोनों दिल्ली आ रहे थे, शशांक की मां पैर के दर्द से जूझ रही थी. ऐसे में जब बस में आग लगी तो शशांक अपनी मां को नीचे नहीं उतार पाया, लेकिन वह अपनी मां को छोड़कर बस से नीचे भी नहीं कूदा, ऐसे में दोनों आग की लपटों में जिंदा जल गए. डीएनए जांच और परिजनों की तरफ से शवों का हुलिया पहचान हुई है. 

महोबा से दिल्ली आ रहे थे दोनों 

​दिल्ली से महोबा आ रही राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में बुधवार रात लगी आग ने कई जिंदगियों को लील लिया था. महोबा जिले के चरखारी से बीजेपी नेता नीरज गुप्ता का बेटा और पत्नी भी दिल्ली आ रहे थे. सुनीता गुप्ता पिछले एक महीने से बेटे के पास रहकर दिल्ली में ही इलाज करा रही थीं. इस बीच नीरज गुप्ता के भाई धीरू गुप्ता को हार्ट अटैक आने के कारण शशांक अपनी मां को लेकर राज कल्पना बस की पिछली सीट पर बैठकर घर लौट रहे थे. लेकिन रास्ते में बस में अचानक आग लग गई. परिजनों के मुताबिक बस में आग और धुआं फैलते ही भगदड़ मच गई. शशांक चाहते तो बस का शीशा तोड़कर आसानी से बाहर निकल सकते थे, लेकिन पैर के दर्द के कारण चलने में असमर्थ मां को उन्होंने अकेले छोड़ने से इंकार कर दिया. 

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बस से नीचे उतरे लोग लगातार शशांक को नीचे उतरने के लिए चिल्लाते रहे, खुद उनकी मां सुनीता भी बेटे को बार-बार नीचे जाने के लिए कहती रही. लेकिन शशांक अपनी मां को बचाने का प्रयास करते रहे. इस ममता और कर्तव्य के संघर्ष में धुआं अत्यधिक होने के कारण दोनों बेहोश हो गए और आग की लपटों की चपेट में आ गए. जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई. 

परिजनों ने ड्राइवर पर लगाया आरोप 

​परिजनों का आरोप है कि घटना चालक और परिचालक की घोर लापरवाही का परिणाम है. यात्रियों की तरफ से जलने की बदबू की शिकायत करने के बावजूद बस को समय पर नहीं रोका गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ. ​शव पूरी तरह जल जाने के कारण डीएनए टेस्ट और हुलिया देखकर परिजनों ने पहचान की है. इस दुखद घटना की खबर मिलते ही महोबा और चरखारी में मातम पसर गया. पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल सहित बीजेपी नेता और कार्यकर्ता नीरज गुप्ता के आवास पर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की है. मां-बेटे की मौत की कहानी सुनकर हर आंख नम हो रही है. 

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