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Swami Avimukteshwaranand Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यौन शोषण मामला, आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

Swami Avimukteshwaranand Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और POCSO मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट आज अग्रिम जमानत पर फैसला सुनाएगा.

Swami Avimukteshwaranand Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यौन शोषण मामला, आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला
Swami Avimukteshwaranand Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के POCSO केस पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

Swami Avimukteshwaranand Case: नाबालिगों से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में बड़ा फैसला आने वाला है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ दोपहर 3:45 बजे निर्णय सुनाएगी. इससे पहले हाईकोर्ट ने अंतिम आदेश आने तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज है और इसे लेकर राज्य सरकार और बचाव पक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी.

Swami Avimukteshwaranand Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में आज अहम फैसला

Swami Avimukteshwaranand Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में आज अहम फैसला

सिंगल बेंच करेगी सुनवाई

न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ आज दोपहर 3:45 बजे अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी. इससे पहले 27 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था.

अग्रिम जमानत याचिका पर गिरफ्तारी पर थी रोक

कोर्ट ने अंतिम आदेश आने तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. इससे पहले भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने के निर्देश दिए थे.

राज्य सरकार ने पॉक्सो केस की गंभीरता बताई

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया और अदालत को पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले की गंभीरता से अवगत कराया. उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता को पहले निचली अदालत का रुख करना चाहिए था.

स्वामी पक्ष का दावा; मामला साजिश के तहत दर्ज

वहीं, स्वामी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी थी कि पूरा मामला साजिश के तहत दर्ज कराया गया है और तथ्यों को तोड़‑मरोड़कर पेश किया गया है. बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी.

नाबालिग बटुकों से दुष्कर्म का आरोप

ये मामला आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दायर अर्जी के बाद दर्ज हुआ था. जिला अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ नाबालिग बटुकों से दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी. यह प्रकरण पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज है.

नार्को टेस्ट के लिए तैयार

इससे पहले वाराणसी में मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और “झूठ की उम्र लंबी नहीं होती.” उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे नार्को टेस्ट सहित हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं.

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अजय कुमार पटेल
Deputy News Editor
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