अगर आप विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो इंटरनेशनल ट्रैवल करने से पहले ट्रैवल मेडिकल इंश्योरेंस लेना उतना ही जरूरी है, जितना कि पासपोर्ट और VISA. विदेश में आप अनजान जगह पर होते हैं ऐसे में किसी आपात स्थिति में यह आपकी सुरक्षा की ढाल बनता है. विदेश में मेडिकल इमरजेंसी आने पर ये आपको बड़े नुकसान और परेशानियों से बचाता है. मेडिकल इंश्योरेंस लेने की कई वजहें हैं. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.
विदेशों में इलाज का भारी-भरकम खर्च
विदेशों में विशेषकर अमेरिका, यूरोप, और कनाडा जैसे देशों में स्वास्थ्य सेवाएं बहुत महंगी होती है. एक सामान्य डॉक्टर की विजिट से लेकर अस्पताल में भर्ती होने या सर्जरी कराने का खर्च लाखों रुपये में हो सकता है. मेडिकल इंश्योरेंस सारा वित्तीय बोझ आपके ऊपर नहीं पड़ने देता है. बीमा होने पर ये खर्चा कंपनी उठाती है.
मेडिकल इमरजेंसी
यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने, दिल का दौरा पड़ने या किसी बीमारी के उभरने पर आपको तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है. इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत आपको नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है.
कैशलेस इलाज
विदेश में नई मुद्रा और नए लोगों के बीच पैसे की व्यवस्था करना मुश्किल होता है. बीमा पॉलिसी के नेटवर्क अस्पतालों में आपका इलाज बिना कैश दिए (कैशलेस) हो जाता है.
मेडिकल इवेक्यूएशन
अगर किसी दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में आपको बेहतर इलाज के लिए नजदीकी शहर, बड़े अस्पताल या वापस अपने देश (Repatriation) लाना पड़े, तो इसका खर्च बहुत अधिक होता है. ट्रैवल इंश्योरेंस में एयर एम्बुलेंस और मेडिकल इवेक्यूएशन का खर्च कवर होता है.
दुर्घटना कवर
विदेश में किसी सड़क दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में आपातकालीन इलाज, विकलांगता या मृत्यु होने पर बीमित व्यक्ति या उसके परिवार को वित्तीय मुआवजा दिया जाता है.
वीजा के लिए अनिवार्य शर्त
शेंगेन देशों (यूरोप के 29 देशों का एक ऐसा समूह जहां आपसी सीमाओं पर कोई बॉर्डर कंट्रोल या पासपोर्ट जांच नहीं होती है.) जैसे फ्रांस, जर्मनी, इटली और कई अन्य देशों में प्रवेश करने के लिए ट्रैवल मेडिकल इंश्योरेंस कानूनी रूप से अनिवार्य है. इसके बिना आपका वीजा रिजेक्ट हो सकता है.
यात्रा संबंधी अन्य कवर भी मिलते हैं
ज्यादातर ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसियां सिर्फ मेडिकल ही नहीं, बल्कि कई अन्य जोखिमों को भी कवर करती हैं. जैसे पासपोर्ट या कीमती सामान का खोना, फ्लाइट का रद्द होना या देर होना, चेक-इन सामान का खोना या देरी से मिलना यह सभी कवर होता है.
ट्रैवल इंश्योरेंस लेते समय अपनी यात्रा की अवधि, गंतव्य देश, पहले से मौजूद बीमारियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स अगर आप करने वाले हैं तो कवरेज को ध्यान से जांच लें.
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