Tadoki Raoghat New Rail Line: छत्तीसगढ़ के बस्तर और अबूझमाड़ अंचल के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर यानी मंगलवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है. दरअसल, साल 1914 में शुरू हुए पहले सर्वे और आजादी के 79 साल बाद अब जाकर रावघाट से रायपुर तक सीधी पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू हो गई है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ताड़ोकी-रावघाट नई रेल लाइन का मंगवार को लोकार्पण किया है. इस रूट पर यात्री 219 किलोमीटर की इस लंबी दूरी का सफर अब यात्री मात्र 55 रुपये के न्यूनतम किराए में तय कर सकेंगे.
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और दुरूह माने जाने वाले बस्तर क्षेत्र के रेल मानचित्र पर आज एक नया अध्याय जुड़ गया है. दरअसल, अबूझमाड़ का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले रावघाट से अब सीधे राजधानी रायपुर तक यात्री ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ताड़ोकी-रावघाट नई रेल लाइन का लोकार्पण किया और ताड़ोकी-रायपुर पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इसी के साथ अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन और रायपुर-कुरूद ट्रेन सर्विस की भी शुरुआत हो गई है.
इंतजार का एक सदी से ज्यादा लंबा सफर
रावघाट तक रेल पहुंचाने की यह कहानी किसी रोमांचक सफर से कम नहीं है. दरअसल, अंग्रेजों के दौर में साल 1914 में बंगाल नागपुर रेलवे ने इस क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने के लिए सबसे पहले सर्वे किया था. इसमें कुरूद से लिकमा के बीच जंगल की उपज और लकड़ी ढोने के लिए फॉरेस्ट ट्राम के संचालन का भी जिक्र मिलता है. इसके बाद साल 1974 में इस परियोजना का तकनीकी और आर्थिक सर्वे दोबारा शुरू हुआ, जिसे 1998-99 के रेल बजट में सैद्धांतिक मंजूरी मिली. फिर साल 2008 में इस महत्वाकांक्षी निर्माण प्रोजेक्ट का जिम्मा रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपा गया.
नक्सली चुनौतियों और खतरों के बीच बिछी पटरियां
दल्ली-राजहरा से रावघाट तक करीब 95 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को बिछाना आसान नहीं था. दरअसल, यह पूरा इलाका नक्सल प्रभावित होने के कारण निर्माण कार्य में कदम-कदम पर भारी बाधाएं आईं. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में सुरक्षाकर्मियों और मजदूरों ने कड़ा संघर्ष किया. कर्मचारियों की हिफाजत के लिए हर पांच किलोमीटर पर सुरक्षा कैंप बनाने पड़े. सुरक्षा खतरों और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण रोजाना केवल पांच से छह घंटे ही निर्माण कार्य हो पाता था, लेकिन तमाम अड़चनों को पार करते हुए आखिरकार यह सपना सच हो गया.
ताड़ोकी से रायपुर के सफर का ये होगा किराया
- कुल दूरी: 219 किलोमीटर
- अधिकतम किराया: मात्र 55 रुपये
- बच्चों का किराया: 30 रुपये
- संचालन की शुरुआत: 20 अक्टूबर
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स्टॉपेज, स्टेशनवार दूरी और किराया
- ताड़ोकी से अंतागढ़ (1836 किमी): 10 रुपये
- भानुप्रतापपुर (61 किमी): 20 रुपये
- दल्लीराजहरा (94 किमी): 25 रुपये
- बालोद (119 किमी): 30 रुपये
- दुर्ग (182 किमी): 40 रुपये
- रायपुर (219 किमी): 55 रुपये (वयस्क) / 30 रुपये (बच्चे)
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