- रेलमदद ऐप को अपग्रेड कर ट्रेन में शिकायत दर्ज करने और समाधान प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाया जा रहा है.
- पानी की कमी की शिकायत मिलने पर संबंधित तकनीकी टीम को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा ताकि स्टेशन पर पानी भरा जा सके
- प्रीमियम ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा.
RailMadad App New Features: ट्रेन से सफर करते समय सीट की सफाई, पानी की कमी, पंखा या एसी खराब होने और खाने की गुणवत्ता जैसी समस्याओं का सामना अक्सर यात्रियों को करना पड़ता है. इन शिकायतों के समाधान के लिए भारतीय रेलवे का रेल मदद ऐप सबसे प्रभावी जरिया रहा है. इसके तहत अब ट्रेन में पानी की किल्लत, वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में खाने की क्वालिटी, पीएनआर और क्यूआर कोड से शिकायत दर्ज करने और ओटीपी से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं.
दरअसल, फर्जी शिकायतों, बार बार एक ही मुद्दे के दोहराव और सही विभाग तक सूचना न पहुंचने जैसी दिक्कतों को दूर करने के लिए रेलवे प्रशासन रेल मदद सिस्टम को पूरी तरह अपग्रेड कर रहा है. नए सिस्टम के तहत शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके समाधान तक के नियमों को पहले से ज्यादा पारदर्शी और फास्ट बनाया जाएगा.

रेल मदद ऐप में होंगे ये 5 बड़े बदलाव
ट्रेन में पानी की समस्या का सटीक समाधान
ट्रेन के कोच में पानी खत्म होने पर अब शिकायत दर्ज होते ही सीधे उस अगले स्टेशन की टेक्निकल टीम को अलर्ट जाएगा, जहां वाटरिंग की सुविधा उपलब्ध है. इससे ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही सही समय पर पानी भरा जा सकेगा.
वंदे भारत व प्रीमियम ट्रेनों में खाने की क्वालिटी पर नजर
वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में कैटरिंग और खाने की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को तुरंत संबंधित कैटरिंग एजेंसी और आईआरसीटीसी (IRCTC) के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है.
ओटीपी के झंझट से मिल सकती है मुक्ति
पहले शिकायत को बंद करने के लिए यात्री के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी की जरूरत होती थी. कई बार नेटवर्क न होने की वजह से काम पूरा होने के बावजूद टिकट बंद नहीं हो पाता था. रेलवे अब इस ओटीपी प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और सरल बनाने पर काम कर रहा है.
ट्रेन और स्टेशन की शिकायतों की अलग मॉनिटरिंग
ट्रेन के अंदर की समस्याओं और रेलवे स्टेशन परिसर की शिकायतों को अब अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज और ट्रैक किया जाएगा. इससे शिकायत सीधे संबंधित विभाग जैसे कमर्शियल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल के पास पहुंचेगी.
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PNR और QR कोड से फर्जी शिकायतों पर लगेगी रोक
अक्सर एक ही पीएनआर या एक ही डिवाइस से बार-बार फर्जी शिकायतें दर्ज करा दी जाती थीं. अब पीएनआर सत्यापन और बोगी में लगे क्यूओर कोड स्कैनिंग के जरिए शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, जिससे बार-बार आने वाली स्पैम शिकायतों पर लगाम लगाई जा सके.
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