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Car Loan Tips: कार लोन लेने का है प्लान? पहले जान लें ये जरूरी बातें, नहीं तो पड़ेगा पछताना

Car Loan Tips: अगर आप भी कार लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को पहले समझ लेना बेहद जरूरी है. सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न सिर्फ आपका पैसा बचाता है, बल्कि आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को भी मजबूत रखता है.

Car Loan Tips: कार लोन लेने का है प्लान? पहले जान लें ये जरूरी बातें, नहीं तो पड़ेगा पछताना

Car Loan Tips: आज के समय में कार सिर्फ शौक नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है. लेकिन कार खरीदते समय कई लोग जल्दबाजी में कार लोन ले लेते हैं और बाद में ऊंची EMI और ज्यादा ब्याज की वजह से परेशान हो जाते हैं. अगर आप भी कार लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को पहले समझ लेना बेहद जरूरी है. सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न सिर्फ आपका पैसा बचाता है, बल्कि आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को भी मजबूत रखता है. लोन लेने से पहले इन बातों पर गौर करना बहुत जरूरी है ताकि बाद में पछताना न पड़े.

जानें सिबिल स्कोर क्यों है जरूरी?

कार लोन लेने से पहले आपका CIBIL स्कोर सबसे अहम फैक्टर होता है. यानी लोन लेने में आपका CIBIL स्कोर सबसे अहम भूमिका निभाता है. बैंक और फाइनेंस कंपनियां इसी स्कोर के आधार पर यह तय करती हैं कि आपको लोन मिलेगा या नहीं और उस पर ब्याज दर कितनी होगी.
अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है. वहीं, स्कोर कम होने पर लोन मिलने में परेशानी आ सकती है या फिर ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है.

ब्याज दर को हल्के में न लें

कार लोन पर ब्याज दर बैंक, लोन अवधि और आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती है. अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों में फर्क हो सकता है.
इसलिए लोन लेने से पहले 2–3 बैंकों या NBFC की ब्याज दरों की तुलना जरूर कर लें. थोड़ी-सी कम ब्याज दर भी लंबे समय में आपकी हजारों रुपये की बचत करा सकती है.

प्रोसेसिंग फीस भी जोड़कर देखें

अक्सर लोग सिर्फ EMI पर ध्यान देते हैं और प्रोसेसिंग फीस को नजरअंदाज कर देते हैं. यह फीस आमतौर पर लोन अमाउंट का 0.5% से 2% तक हो सकती है. कुछ बैंक कम ब्याज दिखाकर ज्यादा प्रोसेसिंग फीस वसूलते हैं. इसलिए लोन लेते समय कुल खर्च (Total Cost of Loan) पर जरूर ध्यान दें.

डाउन पेमेंट जितना ज्यादा, उतना बेहतर

अगर आप कार की कीमत का बड़ा हिस्सा डाउन पेमेंट के तौर पर देते हैं, तो आपको कम लोन लेना पड़ेगा. इससे आपकी EMI कम होगी और ब्याज भी कम देना पड़ेगा. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कार की कीमत का 20–30% डाउन पेमेंट करना बेहतर माना जाता है.

लोन पीरियड सोच-समझकर चुनें

लंबी अवधि का लोन लेने से EMI कम हो जाती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ता है. वहीं, छोटी अवधि में EMI ज्यादा होती है लेकिन ब्याज कम लगता है. इसलिए अपनी इनकम और खर्च को देखते हुए लोन पीरियड चुनना समझदारी होती है.

EMI आपकी इनकम का कितना होनी चाहिए?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आपके कार लोन की EMI आपकी मासिक इनकम का 15 से 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर EMI इससे ज्यादा होगी, तो बाकी खर्चों और सेविंग पर असर पड़ सकता है.

कार लोन लेना गलत नहीं है, लेकिन बिना सही जानकारी के लिया गया लोन परेशानी की वजह बन सकता है. सिबिल स्कोर, ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, डाउन पेमेंट और EMI इन सभी बातों पर ध्यान देकर ही फैसला लें. सही प्लानिंग के साथ लिया गया कार लोन आपकी ड्राइव को भी स्मूद बनाएगा और आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगा.

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