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1 साल के अंदर दिल्ली, हरियाणा और यूपी में जाएंगे पुराने वाहन, नई गाड़ियों पर मिलेगी 30 प्रतिशत छूट

केंद्र सरकार दिल्ली समेत यूपी-हरियाणा और राज्सथानमें पुरानी गाड़ी बदलने को लेकर परिवर्तन योजना चलाई जा रही. इसमें पुराने वाहनों को बदलने के लिए कहा गया है.

1 साल के अंदर दिल्ली, हरियाणा और यूपी में जाएंगे पुराने वाहन, नई गाड़ियों पर मिलेगी 30 प्रतिशत छूट
पुरानी गाड़ियों को बदलने का 1 साल लक्ष्य रखा गया
IANS

केंद्र सरकार ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी में पुरानी गाड़ियों को बदलने के लिए परिवर्तन योजना चला रही है. इसके तहत पुराने कमर्शियल गाड़ियों को बदलने के लिए सभी लाभार्थियों का रिजस्ट्रेशन एक साल के भीतर पूरा करने की योजना बना रही है. हालांकि यह योजना केंद्रीय कैबिनेट द्वारा जून में मंजूर की गई थी उस समय दो साल का समय निर्धारित था. लेकिन अब 1 साल का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का मकसद अगले सर्दियों के मौसम से पहले ट्रकों और बसों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है.

हिदुस्तान टाइ्म्स की खबर के अनुसार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सेक्रेटरी वी. उमाशंकर ने बताया कि मंत्रालय का लक्ष्य इस स्कीम के तहत एक साल में 2,30,000 ट्रक और बसों का रजिस्ट्रेशन करना है, जिसमें अक्टूबर के आखिर तक 25,000 रजिस्ट्रेशन का शुरुआती लक्ष्य भी शामिल है. उन्होंने कहा, अगर यह पहल अच्छी तरह से चलती है, तो इसके नतीजे अगली सर्दियों में सभी को दिखाई देंगे.

क्या है परिवर्तन स्कीम? कौन सी गाड़ियां बदली जाएगी

'परिवर्तन योजना' (PARIVARTAN) के तहत दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट से होने वाले वायु प्रदूषण और नेटवर्क एमिशन को कम करने के लिए वाहनों के तेजी से नवीनीकरण और उन्हें बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम है. इसके योजना का मकसद है पुराने कमर्शियल वाहनों जिनमें BS-IV और उससे पुराने ट्रक और बसें शामिल हैं, उनको BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलना है.

अधिकारियों ने कहा कि लाभार्थियों को नई गाड़ियों पर असल में 25-30% की छूट मिल सकती है, और इसकी लागत केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे.

इस स्कीम के तहत अब तक 1,357 गाड़ियां बदलने के लिए रजिस्टर की गई हैं. इनमें 1,094 ट्रक और 263 बसें शामिल हैं. दिल्ली में सबसे ज्यादा 785 रजिस्ट्रेशन हुए हैं, इसके बाद हरियाणा में 423, राजस्थान में 93 और उत्तर प्रदेश में 56 रजिस्ट्रेशन हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि अब तक रजिस्टर की गई गाड़ियों में से 651 गाड़ियां व्यक्तिगत मालिकों की हैं, जिससे वे सबसे बड़े लाभार्थी समूह बन गए हैं.

सुव्यवस्थित प्रक्रिया

इस स्कीम का सिंगल-पॉइंट पोर्टल एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के तौर पर बनाया गया है, जो सरकारी एजेंसियों, वाहन निर्माताओं, डीलरों, बैंकों, तेल मार्केटिंग कंपनियों और गैस कंपनियों को आपस में जोड़ता है. सिस्टम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि इसमें VAHAN, Digi ELV और V-Scrap जैसे डेटाबेस शामिल हैं, जिससे लाभार्थी एक ही डिजिटल प्रोसेस के ज़रिए अपनी पात्रता की जांच, वाहन की स्क्रैपिंग, फाइनेंसिंग और इंसेंटिव के लिए क्लेम जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर सकते हैं.

यूपी राजस्थान में भी लोगों को किया जा रहा जागरूक

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जागरूकता और लोगों तक पहुंच बढ़ाने को कहा है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन अभी भी मुख्य रूप से दिल्ली और हरियाणा तक ही सीमित हैं. सरकार दूसरे राज्यों में भी इसे अपनाने की रफ्तार बढ़ाना चाहती है और सर्दियों में प्रदूषण के अगले दौर से पहले फ्लीट-रिन्यूअल (पुराने वाहनों को बदलकर नए वाहन लाने) के प्रोग्राम को तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहती है.

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली लगातार गंभीर वायु प्रदूषण का सामना कर रही है. IQAir की 'वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025' के अनुसार, राजधानी में PM2.5 का सालाना औसत स्तर 99.6µg/m³ दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सालाना गाइडलाइन से लगभग 20 गुना ज्यादा है.

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