- दिल्ली में 1 नवंबर से पुराने वाहनों की एंट्री बैन की जाएगी, कड़े नियम लागू होंगे
- दिल्ली के 20 एंट्री प्वाइंट पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम, कमर्शियल वाहनों को रुककर टैक्स कटाने की जरूरत नहीं
- दिल्ली के कार्यालयों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का सिस्टम लागू हो जाएगा
दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण को देखते हुए 1 नवंबर से कई बड़ी पाबंदियां लागू हो जाएंगी. इसमें बीएस 6 से कम मानकों (Non-BS VI) वाले बाहरी वाहनों पर बैन शामिल हैं. विंटर एक्शन प्लान के तहत ये बैन लागू रहेगा. ये प्रतिबंध 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेगा. इसके साथ ही बिना पीयूसी के पेट्रोल-डीजल न मिलने का आदेश भी लागू रहेगा. ऑफिस में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू हो जाएगा. टोल प्लाजा के लिए रियायती टोल पास बनेगा. साथ ही दिल्ली में 20 जगहों पर एंट्री प्वाइंट पर कमर्शियल वाहनों को रोककर टैक्स नहीं कटाना पड़ेगा, फास्टैग से पैसा कट जाएगा.
NCR के करीब 8 लाख बाहरी वाहनों पर रोक
दिल्ली के बाहरी राज्यों आने वाले पुराने वाहनों के राजधानी में एंट्री पर रोक रहेगी. ऐसे वाहन जो BS-VI उत्सर्जन को पूरा नहीं करते हैं, वो शहर में नहीं घुस पाएंगे. सिर्फ BS-6 मानक वाले वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन और सीएनजी वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी. इमरजेंसी वाहनों को इस नियम से छूट रहेगी. BS-3 पेट्रोल, BS-4 डीजल या ऐसे कोई पुराना बाहरी राज्य का वाहन दिल्ली की सड़कों पर दिखा तो उस पर 20 हजार का भारी जुर्माना लगाया गया.
नो पीयूसी नो फ्यूल की पॉलिसी
दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 1 नवंबर से No PUC, No Fuel नीति लागू होगी. दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों को नंबर प्लेट स्कैन करने वाले ANPR कैमरों से लैस किया गया है. कोई भी वहिकल ईंधन भराने पहुंचेगी, कैमरा नंबर प्लेट स्कैन कर डेटाबेस से चेक करेगा. अगर वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वैध नहीं पाया गया तो पेट्रोल पंप संचालक वाहन में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी भरने से मना कर देंगे. पीयूसी न होने पर 10 हजार रुपये का अलग चालान हो सकता है.
पार्किंग फीस होगी दोगुना
दिल्ली सरकार और नगर निगम ने लोगों को कार या बाइक की जगह मेट्रो, बस का इस्तेमाल करने को कहा है. लुटियंस जोन के इलाकों में पार्किंग फीस सबसे ज्यादा होगी. एमसीडी के करीब 150 पार्किंग स्थलों पर पार्किंग फीस दोगुना की जाएगी. चालक सड़कों पर कम से कम वाहन निकालें.
50% वर्क फ्रॉम होम और टाइमिंग बदलेगी
ट्रैफिक जाम और पीक ऑवर के प्रदूषण में कमी के लिए कॉरपोरेट और सरकारी ऑफिस के नियम तय किए गए हैं. सरकारी और निजी ऑफिस को 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है. सरकारी विभागों और दफ्तरों के खुलने और बंद होने का समय अलग-अलग रखा जाएगा ताकि ट्रैफिक ज्यादा न हो.
Implementation of precautionary measures for the prevention and control of air pollution in Delhi-NCR from 05th to 20th November 2026. https://t.co/FTqqWppMXh
— ANI (@ANI) October 31, 2026
एंट्री प्वाइंट पर फास्टैग से कटेगा पैसा
दिल्ली के 20 बड़े एंट्री पॉइंट्स पर अब बिना रुके टोल कटने की व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होगी. मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम का संचालन MCD करेगी. व्यावसायिक वाहनों को टोल टैक्स या पर्यावरण शुल्क (ECC) चुकाने के लिए बॉर्डर पर बने टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी. एंट्री प्वाइंट पर 3D रडार, लेजर सेंसर्स और एचडी कैमरे फिट होंगे. ANPR और RFID तकनीक नंबर प्लेट को स्कैन कर लेगी और RFID रीडर गाड़ी के फास्टैग को पढ़कर पैसे काट लेगा. 100 की स्पीड में भी वाहन का पैसा कट जाएगा. गाजीपुर बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, डीएनडी (DND) फ्लाईवे, आया नगर बॉर्डर, अप्सरा-शाहदरा बॉर्डर जैसी जगहों पर ये प्रणाली काम करेगी.
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रियायती टोल पास बनेगा
देश में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) एक नवंबर से टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोगों के लिए रियायती टोल पास की व्यवस्था शुरू करेगा. टोल प्लाजा अगर नगरपालिका या स्थानीय शहरी क्षेत्र की सीमा से बाहर हो तो 1500 रुपये में सालाना पास में बन सकेगा. टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय शहरी इलाके की सीमा में है तो 3 हजार रुपये का सालाना पास बनेगा.
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