- दिल्ली के सभी टोल नाकों पर मल्टी-लेयर फ्री फ्लो प्रणाली से गाड़ियों का बिना रुके टोल टैक्स कटेगा.
- नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों के एकीकरण से टोल टैक्स का ऑटोमैटिक कलेक्शन संभव होगा
- नंबर प्लेट खराब या अस्पष्ट होने तथा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार पर टोल शुल्क का पांच गुना जुर्माना
राजधानी दिल्ली के सभी 156 टोल नाके जल्द ही जाम मुक्त होने जा रहे हैं. यह सब मल्टी-लेयर फ्री फ्लो (MLFF) आधुनिक टोल प्रबंधन तकनीक के माध्यम से संभव होगा. इस तकनीक में टोल प्लाजा पर गाड़ियों की संख्या और ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से कई लेयर्स (परतों) में लेन को व्यवस्थित किया जाता है. इसके तहत टोल नाकों पर ऑटोमैटिक तरीके से गाड़ियों की पहचान और टोल टैक्स कलेक्शन का काम तेजी से होगा. इसके बाद गाड़ियों को टोल टैक्स कटवाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा और वे बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकेंगी.
दिल्ली के टोल नाकों पर मल्टी-लेयर फ्री फ्लो सिस्टम लागू होने के बाद न केवल जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि कई अन्य बड़े बदलाव भी देखने को मिलेंगे.
1. नंबर प्लेट और आरएफआईडी का एकीकरण
दिल्ली नगर निगम के टोल नाकों पर इस नए MLFF सिस्टम के साथ रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों को एकीकृत किया जाएगा. इससे जैसे ही कोई गाड़ी टोल लेन में प्रवेश करेगी, उसकी नंबर प्लेट स्कैन हो जाएगी और आरएफआईडी टैग से टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा.
2. नंबर प्लेट खराब होने या दुर्व्यवहार पर पांच गुना जुर्माना
टोल नियमों को सख्त बनाने और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा प्रावधान किया गया है. अगर किसी गाड़ी की नंबर प्लेट खराब या अस्पष्ट पाई जाती है, या फिर वाहन चालक टोल ऑपरेटर और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उस पर प्रति प्रवेश टोल शुल्क का 5 गुना जुर्माना लगाया जाएगा. इससे पहले यह जुर्माना अधिकतम 500 रुपये हुआ करता था.
3. मल्टी-लेन सुविधा से घटेगा जाम
पीक आवर्स में लगने वाले जाम को कम करने के लिए इस नई तकनीक के माध्यम से सड़कों पर मल्टी-लेन व्यवस्था विकसित की जाएगी. इससे एक साथ कई गाड़ियां बिना समय गंवाए टोल पार कर सकेंगी.
वाहन चालकों और पर्यावरण को होगा बड़ा फायदा
टोल टैक्स ऑटोमैटिक मोड में कटने से वाहनों को लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा. टोल पर गाड़ियों के न रुकने से ईंधन की बचत होगी, जिससे बॉर्डर इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा. साथ ही, डिजिटल पेमेंट और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट स्कैनिंग से टोल कलेक्शन में पारदर्शिता आएगी और विवाद कम होंगे.
हर साल 5% बढ़ेगा बुनियादी टोल टैक्स
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नए नियमों के तहत हर साल सभी कमर्शियल (व्यावसायिक) गाड़ियों के बुनियादी टोल रेट में 5% की बढ़ोतरी की जाएगी. नियमों में बदलाव के बाद नगर निगम के पास यह अधिकार होगा कि वह आवश्यकतानुसार बड़े कमर्शियल वाहनों के टोल टैक्स में 2,000 रुपये तक का इजाफा कर सके.
टोल टैक्स में होने वाली इस संभावित बढ़ोतरी का सीधा असर मुख्य रूप से बड़े मालवाहक ट्रकों पर पड़ेगा. इनमें 6 पहियों वाले ट्रक (दो एक्सेल), 10 पहियों वाले ट्रक (तीन एक्सेल), 4 से लेकर 6 एक्सेल वाले भारी ट्रक और 7 या उससे ज्यादा एक्सेल वाले बड़े ट्रेलर्स शामिल हैं.
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