राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए MCD ने एक बड़ी पहल शुरू की है. अब शहर में इलेक्ट्रिक और CNG से होने वाले अंतिम संस्कार पूरी तरह मुफ्त होंगे. ये फैसला 1 जून से लागू हो गया है. इस योजना को MCD ने इस साल की शुरुआत में 2 के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मंजूरी दी थी. इस योजना का उद्देश्य लकड़ी से होने वाले धुंए और प्रदूषण को कम करना है. दरअसल, पारंपरिक अंतिम संस्कार लकड़ी से किया जाता है, लेकिन इससे काफी ज्यादा धुआं भी उत्पन्न होता है.
दी जाएगी सहायता राशि
MCD के अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई श्मशान घाटों का संचालन अब NGO और सामाजिक संस्थाओं को दिया जाएगा. साथ ही इनके संचालन और मेंटेनेंस के लिए हर एक CNG या इलेक्ट्रिक अंतिम संस्कार के लिए 500 रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी. हालांकि, पारंपरिक लकड़ी से होने वाले अंतिम संस्कार पहले की तरह जारी रहेंगे, लेकिन उन्हें इस मुफ्त सुविधा में शामिल नहीं किया गया है.
इलेक्ट्रिक और CNG शवदाह से पर्यावरण को फायदे
इलेक्ट्रिक या CNG से होने वाले हर एक अंतिम संस्कार में करीब 700 किलो लकड़ी की बचत होती है. साथ ही इससे पारंपरिक तरीके की तुलना में काफी कम धुआं और प्रदूषण फैलता है. पहले लोगों को इलेक्ट्रिक अंतिम संस्कार के लिए लगभग 500 रुपये और CNG से अंतिम संस्कार के लिए करीब 1,500 रुपये तक खर्च करना पड़ता था. लेकिन अब इस योजना के तहत इन सभी श्मशान घाटों पर यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त कर दी गई है.
इन जगहों पर उपलब्ध है CNG अंतिम संस्कार की सुविधा
राजधानी दिल्ली में फिलहाल कुल 9 जगहों पर ही CNG अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध है. इनमें सराय काले खां, रोहिणी सेक्टर-26 (कैवल्य धाम), द्वारका सेक्टर-24, ग्रीन पार्क, कड़कड़डूमा, गाजीपुर, सुभाष नगर, पंजाबी बाग और हस्ताल शामिल हैं.
MCD पोर्टल पर करें स्लॉट बुक
MCD अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जहां तक संभव हो, पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाएं और अंतिम संस्कार के लिए स्लॉट बुक करने से पहले आधिकारिक MCD पोर्टल पर उपलब्धता जरूर जांच लें. इस योजना पर निगम को हर साल करीब ₹2 से ₹2.5 करोड़ खर्च आने का अनुमान है. शुरुआती दो साल के बाद, लोगों की प्रतिक्रिया और इसके प्रभाव को देखते हुए योजना को आगे भी जारी रखा जा सकता है.
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