केदारनाथ धाम की यात्रा पर हर साल लाखों श्रद्धालु जाते हैं. कई लोग लंबी पैदल चढ़ाई से बचने और समय की बचत के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का विकल्प चुनते हैं. लेकिन अब इसी सुविधा का फायदा साइबर ठग भी उठाने लगे हैं. ठग नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को असली बुकिंग का झांसा देते हैं और उनसे पैसे ठग लेते हैं. वहीं, सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि लोगों को ठगी का पता यात्रा वाले दिन हेलीपैड पहुंचने के बाद चलता है. हर साल इस तरह की कई खबरें सामने आती हैं. ऐसे में हेलीकॉप्टर टिकट बुक करते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. अब, अगर आप भी केदारनाथ धाम जाने का प्लान बना रहे हैं और अपनी यात्रा हेलीकॉप्टर सेवा के साथ करने वाले हैं, तो आइए जानते हैं कैसे ठग लोगों के साथ ये धोखा कर रहे हैं. साथ ही जानेंगे आप इस तरह की ठगी से खुद को कैसे बचा सकते हैं.
कैसे होती है ठगी?
ज्यादातर लोग हेलीकॉप्टर टिकट बुक करने के लिए गूगल पर वेबसाइट खोजते हैं. साइबर ठग इसी आदत का फायदा उठाते हैं. वे ऐसी वेबसाइट तैयार करते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगती हैं. इनमें हेलीकॉप्टर का किराया, यात्रा पैकेज और दूसरी जरूरी जानकारी भी दी जाती है, जिससे लोगों को किसी तरह का शक न हो. कई बार ये फर्जी वेबसाइट गूगल पर विज्ञापन के जरिए सबसे ऊपर भी दिखाई देती हैं.
ऐसे लोगों को बनाते हैं शिकारजब कोई व्यक्ति टिकट बुक करने की कोशिश करता है, तो वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है. इसके बाद बातचीत व्हाट्सऐप पर शुरू होती है. ठग टिकट, किराया और पेमेंट की पूरी जानकारी देते हैं और जल्दी पैसे भेजने के लिए कहते हैं. जैसे ही पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं, ईमेल या व्हाट्सऐप पर एक टिकट भेज दिया जाता है. टिकट बिल्कुल असली जैसा दिखता है, इसलिए लोगों को लगता है कि उनकी बुकिंग हो गई है. लेकिन यात्रा वाले दिन हेलीपैड पहुंचने पर पता चलता है कि उस नाम से कोई टिकट बुक ही नहीं है.
रुद्रप्रयाग पुलिस के पास इस साल इस तरह की कई शिकायतें पहुंची हैं. जांच में सामने आया कि यह काम एक संगठित साइबर ठग गिरोह कर रहा है, जो अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बना रहा है. ये गिरोह नकली वेबसाइट बनाता है, इंटरनेट पर उनका प्रचार करता है और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों से संपर्क कर पैसे वसूलता है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कई फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों पर कार्रवाई भी की है.
टिकट बुक करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान- हेलीकॉप्टर टिकट हमेशा सिर्फ आधिकारिक IRCTC Heli Yatra पोर्टल से ही बुक करें.
- गूगल पर दिख रहे किसी भी विज्ञापन या अनजान वेबसाइट पर तुरंत भरोसा न करें.
- पेमेंट करने से पहले वेबसाइट का पता (URL) ध्यान से चेक करें.
- अगर कोई व्यक्ति व्हाट्सऐप पर बुकिंग कराने या किसी निजी बैंक खाते में पैसे भेजने के लिए कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं.
- बुकिंग पूरी होने के बाद उसकी पुष्टि आधिकारिक माध्यम से जरूर करें.
अगर कोई वेबसाइट भीड़ के समय भी पक्की टिकट देने का दावा करे, बहुत सस्ता किराया बताए या तुरंत पेमेंट करने का दबाव बनाए, तो सावधान हो जाएं. इसी तरह अगर वेबसाइट का नाम आधिकारिक वेबसाइट से थोड़ा अलग हो या ग्राहक सेवा बार-बार व्हाट्सऐप पर बात करने के लिए कहे, तो ऐसे ऑफर से दूरी बनाना ही बेहतर है.
ठगी हो जाए तो क्या करें?अगर आपके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिल्कुल भी देर न करें. तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें. समय पर शिकायत करने से पुलिस लेनदेन को ट्रैक करने और ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है. इससे आपके पैसे वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.
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